विधि और न्याय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सोमवार को कानूनी पेशेवरों के लिए एक बड़ी डिजिटल सुविधा की शुरुआत की है. उन्होंने नॉटरी अधिनियम, 1952 और नॉटरी नियम, 1956 के प्रावधानों के तहत नॉटरी पब्लिक के रूप में नियुक्ति के लिए मौजूदा नॉटरी पोर्टल पर 'फ्रेश एप्लीकेशन मॉड्यूल' लॉन्च किया है.
ये नया मॉड्यूल देश के कानूनी पेशेवरों और वकीलों को नॉटरी पोर्टल के जरिए सीधे ऑनलाइन आवेदन जमा करने के काबिल बनाता है. इस डिजिटल मॉड्यूल को राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र के सहयोग से कानूनी मामलों के विभाग ने डेवेलप किया है.
'फ्रेश एप्लीकेशन मॉड्यूल' का मकदस आवेदन प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी, कुशल और नागरिक के लिए सरल बनाना है.
कैसा है नया मॉड्यूल और इसकी विशेषताएं?
कानूनी मामलों के विभाग और विधायी विभाग के सचिव डॉ. राजीव मणि ने नॉटरी पोर्टल के काम करने के तरीके को समझाया. उन्होंने बताया कि इस नए फ्रेश एप्लीकेशन मॉड्यूल को मौजूदा पोर्टल के साथ इंटीग्रेट किया गया है. ये पोर्टल पहले से ही नॉटरी की नियुक्ति से जुड़े अलग-अलग तरह की ऑनलाइन सेवाएं दे रहा है.
उन्होंने आगे कहा कि आवेदनों की सुचारू और अच्छे प्रोसेसिंग के लिए इस नए मॉड्यूल में ऑटोमेटेड वर्कफ्लो जोड़ा गया है. साथ ही इसका इंटरफेस काफी यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है, जिससे आवेदकों को कोई परेशानी न हो.
डिजिटल इंडिया की दिशा में एक और बड़ा कदम
इस लॉन्चिंग के मौके पर केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सरकार के डिजिटल विजन पर बात की. उन्होंने कहा कि इस मॉड्यूल का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के परिकल्पित 'डिजिटल इंडिया' के विजन को साकार करने की दिशा में एक अहम कदम है. ये शासन की एक पेपरलेस, पारदर्शी और सिटीजन बेस्ड सिस्टम को बढ़ावा देता है.
मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा, 'ये यूजर-फ्रेंडली मॉड्यूल आवेदन प्रक्रिया को आसान बनाएगा. इससे नॉटरी बनने की इच्छा रखने वाले लोगों के लिए पहुंच काफी आसान हो जाएगी.'
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पोर्टल पर मौजूद होंगी गाइडलाइंस
कानूनी मामलों का विभाग नॉटरी अधिनियम, 1952 और नॉटरी नियम, 1956 के तहत जरूरतों के आधार पर समय-समय पर इस नए मॉड्यूल के जरिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित करेगा. आवेदन जमा करने के लिए जरूरी गाइडलाइंस नॉटरी पोर्टल पर ही मुहैया कराए जाएंगे.