
देश के चार बड़े शहरों की हवा की तुलना करें तो दिल्ली की हवा मंगलवार को सबसे ज्यादा खराब रही. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के मुताबिक दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी AQI 197 दर्ज किया गया. चेन्नई में यह 143, मुंबई में 99 और कोलकाता में 81 रहा. यानी चारों शहरों में दिल्ली का आंकड़ा सबसे ऊपर और कोलकाता का सबसे नीचे रहा.
AQI एक ऐसा पैमाना है, जिससे पता चलता है कि किसी शहर की हवा कितनी साफ या कितनी प्रदूषित है. आंकड़ा जितना बड़ा होता है, हवा उतनी ज्यादा प्रदूषित मानी जाती है. इसी वजह से 27 अक्टूबर को चारों शहरों में दिल्ली की हवा सबसे ज्यादा प्रदूषित दिखाई दी.
चारों शहरों के आंकड़े इस तरह रहे. दिल्ली में AQI 197 था. चेन्नई में 143, मुंबई में 99 और कोलकाता में 81 दर्ज हुआ. सबसे कम AQI कोलकाता का रहा.
दिल्ली और चेन्नई के आंकड़ों में फर्क देखें तो दिल्ली का AQI 197 है, जो चेन्नई के 143 से 54 अंक ज्यादा है. मुंबई के 99 और कोलकाता के 81 के मुकाबले यह अंतर और बड़ा है. इस तुलना में दिल्ली की हवा बाकी तीनों शहरों से ज्यादा प्रदूषित नजर आती है.

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CPCB के ग्राफिक में AQI के स्तरों को अलग अलग श्रेणियों में दिखाया गया है. दिए गए पैमाने के हिसाब से 101 से 200 के बीच का AQI 'मध्यम' श्रेणी में आता है. इस आधार पर दिल्ली का 197 और चेन्नई का 143 दोनों आंकड़े मध्यम श्रेणी में रहे. दिल्ली का आंकड़ा इस श्रेणी की ऊपरी सीमा 200 के काफी करीब है. वहीं मुंबई का 99 और कोलकाता का 81 दोनों 100 से नीचे रहे. यानी इन दोनों शहरों के आंकड़े मध्यम श्रेणी की शुरुआती सीमा 101 तक भी नहीं पहुंचे.
इन आंकड़ों को समझने के लिए एक बात जानना जरूरी है. CPCB के आंकड़े मंगलवार शाम करीब 4 बजे तक के 24 घंटे के औसत पर आधारित हैं. यानी शाम 4 बजे तक बीते 24 घंटों की हवा का औसत निकालकर ये संख्याएं तय की गई हैं.