CPI(M) के महासचिव एमए बेबी ने रविवार को दिल्ली में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की. मुलाकात के बाद बेबी ने बताया कि उन्होंने केजरीवाल को केरल में होने वाले कुछ कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया. इसके साथ ही दोनों नेताओं के बीच चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर जारी विवाद पर भी चर्चा हुई. विपक्षी दल इस मुद्दे पर आपसी समन्वय बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं.
ED पर भी लगाए आरोप
एमए बेबी ने आरोप लगाया कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) केंद्र की बीजेपी सरकार के 'एक्सटेंशन डिपार्टमेंट' की तरह काम कर रहा है. उन्होंने कहा कि केरल के पूर्व मुख्यमंत्री और CPI(M) नेता पिनराई विजयन की छवि खराब करने की कोशिश की गई. बेबी ने अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया का जिक्र करते हुए कहा कि वे भी ED की कार्रवाई का सामना कर चुके हैं.
बेबी के मुताबिक, बातचीत के दौरान केजरीवाल ने चुनाव आयोग के कामकाज पर सवाल उठाए और इस मुद्दे पर मजबूत संघर्ष की जरूरत बताई. बेबी ने कहा कि उन्होंने INDIA गठबंधन से बाहर के राजनीतिक दलों को भी पत्र लिखा है. उन्होंने केजरीवाल से विपक्षी दलों के साथ मिलकर काम करने पर चर्चा की. उनके मुताबिक, केजरीवाल ने कहा कि AAP इस मुद्दे पर आंतरिक चर्चा के बाद जवाब देगी.
30 सितंबर को INDIA गठबंधन की बैठक
एमए बेबी ने बताया कि INDIA गठबंधन की बैठक 30 सितंबर को प्रस्तावित है. हालांकि उन्होंने केजरीवाल को इस बैठक के लिए आमंत्रित नहीं किया, क्योंकि उनके मुताबिक गठबंधन की गतिविधियों का तालमेल मुख्य विपक्षी दल की ओर से किया जा रहा है. 30 सितंबर को दिल्ली में विपक्षी दलों की प्रस्तावित बैठक में चुनाव आयोग और SIR से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है.
बेबी ने केरल के पूर्व मुख्य सचिव जिजी थॉमसन के उस दावे का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि ज्ञानेश कुमार ने सिविल सर्वेंट रहते हुए उनसे बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ने के बारे में बात की थी. बेबी ने इसी आधार पर CEC पर बीजेपी के पक्ष में काम करने का आरोप लगाया. ये आरोप बेबी और थॉमसन के दावे हैं; चुनाव आयोग ने 26 सितंबर की अपनी प्रेस रिलीज में कहा था कि उस दिन लिए गए फैसलों को पूरे आयोग की मंजूरी थी.