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'आइए और चीजें स्पष्ट करिए...', राहुल गांधी और अभिजीत दिपके ने मांगा CEC का इस्तीफा तो बोले चिराग पासवान

राहुल गांधी ने CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं. CJP संस्थापक अभिजीत दिपके ने भी CEC के इस्तीफे की मांग की और विपक्षी दलों से ऐसे चुनावों में हिस्सा नहीं लेने को कहा. इस बीच केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि चुनाव आयोग को जनता का भरोसा बनाए रखना चाहिए और उठ रहे सवालों पर मजबूती से अपना पक्ष रखना चाहिए.

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    राहुल गांधी के आरोपों के बीच चिराग पासवान ने EC को नसीहत दी है (Photo: PTI)
राहुल गांधी के आरोपों के बीच चिराग पासवान ने EC को नसीहत दी है (Photo: PTI)

कांग्रेस नेता राहुल गांधी और कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दिपके के चुनाव आयोग पर लगाए आरोपों के बीच केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा है कि चुनाव आयोग को जनता का भरोसा बनाए रखना चाहिए और उठ रहे सवालों पर खुलकर अपनी बात रखनी चाहिए.

चिराग ने कहा कि विपक्ष क्या कहता है, उन्हें इससे फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि राजनीति करना उसका काम है. लेकिन अगर चुनाव प्रक्रिया को लेकर जनता के मन में शक पैदा होता है तो यह सही नहीं है. ऐसे में चुनाव आयोग और खासकर CEC की जिम्मेदारी है कि वह मजबूती से अपना पक्ष रखे और लोगों के मन में कोई संदेह न रहने दे.

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने भारत के चुनाव आयोग को लेकर एक गंभीर सवाल उठाया है. उन्होंने दावा किया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) और दोनों चुनाव आयुक्त (EC) आपस में ठीक से तालमेल नहीं बिठा पा रहे हैं. खेड़ा के अनुसार, साल 2025-26 के दौरान लगभग 50 अधिकारियों का तबादला हुआ, जिनमें मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) और उप चुनाव आयुक्त भी शामिल हैं, लेकिन इन सबकी वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट यानी ACR अब तक अटकी हुई है.

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खेड़ा ने इस पूरे मामले को लेकर तीखा सवाल पूछा है. उनका कहना है कि अगर तीनों आयुक्त रोजमर्रा के सामान्य कागजी काम पर भी आपस में सहमत नहीं हो पा रहे, तो दुनिया के सबसे बड़े चुनाव को सुचारू रूप से चलाने की उनकी क्षमता पर भरोसा कैसे किया जाए.

राहुल गांधी ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और CEC ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोला था. उन्होंने तीनों को देशद्रोही बताते हुए आरोप लगाया कि भारत की वोटिंग व्यवस्था और लोकतांत्रिक संस्थाओं को नुकसान पहुंचाया गया है. राहुल ने CEC से तुरंत इस्तीफा देने और सरकारी गवाह बनने की अपील की.

राहुल गांधी ने दावा किया कि चुनाव व्यवस्था में गंभीर गड़बड़ियां हैं और 2024 का लोकसभा चुनाव पूरी तरह फर्जी था. उन्होंने आरोप लगाया कि कई चुनावों में धांधली हुई और चुनाव आयोग ने अपनी विश्वसनीयता खो दी है. राहुल ने कहा कि वोट लोकतंत्र की नींव है और इसके खत्म होने से संविधान और संस्थाओं का महत्व भी खत्म हो जाएगा.

यह भी पढ़ें: चुनाव आयोग: एक खुलासा, राजनीति का खेल और बस एक खिलवाड़

राहुल ने यह भी दावा किया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने से जुड़े SIR के मुद्दे पर सवाल उठाए हैं. राहुल ने ज्ञानेश कुमार से गंभीरता से सोचने और सरकारी गवाह बनने को कहा.

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राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह चुनावों में कथित हेरफेर की जांच के दायरे में आएंगे. कांग्रेस और विपक्ष के चुप नहीं बैठने की बात कही. राहुल ने यह भी कहा कि वोट चोरी के बाद कानून चोरी और फिर संस्था चोरी होती है. उन्होंने कई नेताओं और अधिकारियों की तस्वीरें दिखाकर कुछ को कथित साजिशकर्ता और कुछ को मोहरे बताया.

इसी बीच CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने भी CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की. उन्होंने विपक्षी दलों से कहा कि अगर उन्हें लगता है कि चुनाव में धांधली हो रही है तो उन्हें ऐसे चुनावों में हिस्सा लेना बंद कर देना चाहिए. दिपके के मुताबिक, कथित तौर पर धांधली वाले चुनाव में लगातार हिस्सा लेना उन्हें वैध दिखाता है.

दिपके ने कहा कि विपक्षी दल चुनावी धांधली का मुद्दा सिर्फ उन राज्यों में नहीं उठा सकते जहां उन्हें राजनीतिक फायदा दिखता है. अगर गड़बड़ी हो रही है तो किसी भी राज्य या पार्टी के मामले में मुद्दा एक जैसा होना चाहिए. उन्होंने चुनाव की तुलना फिक्स क्रिकेट मैच से करते हुए दावा किया कि कुछ जीत विपक्ष को सिर्फ मुकाबला असली दिखाने के लिए दी जा सकती हैं. दिपके ने गुरुवार को CEC के इस्तीफे की मांग की थी और मांग पूरी नहीं होने पर जंतर-मंतर 2.0 आंदोलन की बात कही थी.

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