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IT सेक्टर में खराब है हालात, स्किल है पर नौकरी नहीं... एक की गई जॉब तो दूसरे की नहीं बढ़ी सैलरी

भारत में बदलते जॉब मार्केट ने हर क्षेत्र में नौकरी को लेकर लोगों के मन में डर का माहौल बना दिया है. एक टेक्निकल मैनेजर के इंटरव्यू का अनुभव दिखाता है कि भारत में IT प्रोफेशनल्स के लिए नौकरी बदलना कितना मुश्किल होता जा रहा है. कंपनी के अधिग्रहण के बाद नौकरी जाने का डर और तीन साल तक सैलरी न बढ़ना जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. वहीं, नौकरियों के कम अवसर और उम्मीदवारों की ज्यादा संख्या के चलते अनुभवी और स्किल्ड कर्मचारियों के लिए भी नई नौकरी पाना आसान नहीं रह गया है.

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स्किल है लेकिन नौकरी नहीं.
स्किल है लेकिन नौकरी नहीं.

कई टेक प्रोफेशनल्स के लिए नौकरी बदलना लंबे समय से बेहतर सैलरी, करियर में तेजी से ग्रोथ और काम करने के बेहतर हालात पाने का एक तरीका रहा है लेकिन क्या होता है जब अनुभवी प्रोफेशनल्स के लिए भी दूसरी नौकरी ढूंढना मुश्किल हो जाता है? IT प्रोफेशनल अमरनाथ शिवशंकर की हालिया स्थिति इस सेक्टर में काम करने वालों की परेशानी को सामने रख रहा है. सोशल मीडिया पर X पर एक पोस्ट में शिवशंकर ने टेक्निकल मैनेजर के रोल के लिए दो कैंडिडेट्स के इंटरव्यू का अपना अनुभव शेयर किया. उन्होंने कहा कि उनके हालात भारत के मौजूदा IT जॉब मार्केट की चुनौतियों को दिखाते हैं.

एक की गई नौकरी, तो दूसरे था परेशान   

शिवशंकर ने बताया कि एक कर्मचारी की कंपनी को ग्लोबल IT सर्विसेज कंपनी ने खरीद लिया था. इसके बाद से वह नई नौकरी की तलाश कर रहा है, लेकिन अब तक उसे काम नहीं मिल पाया है.

वहीं, एक दूसरे उम्मीदवार ने तीन साल तक सैलरी न बढ़ने की वजह से भारतीय IT कंपनी से इस्तीफा दे दिया था. एक कर्मचारी को कंपनी के अधिग्रहण के बाद नई नौकरी पाने में मुश्किल हो रही थी, जबकि दूसरा लंबे समय से एक जैसी कमाई के बाद नौकरी बदलना चाहता था.

नौकरी छोड़ना भी जोखिम, बने रहना भी मुश्किल

ये दोनों मामले अनुभवी कर्मचारियों की मुश्किल स्थिति दिखाते हैं. नौकरी जाने के बाद अगला मौका मिलने में कितना समय लगेगा, यह तय नहीं है. वहीं, नौकरी में बने रहने पर भी सैलरी बढ़ने की गारंटी नहीं है. शिवशंकर ने इसी तीन साल की अवधि में बढ़े खर्च का भी जिक्र किया. उन्होंने सवाल किया कि सैलरी बढ़े बिना पेशेवर बढ़ते खर्च को कैसे संभाल सकते हैं.

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केवल स्किल होने से नहीं मिलती नौकरी 

नौकरी जाने के बाद या जॉब खोजते हुए लोगों के दिमाग में बस यही बात रहती है कि अगर उनके पास स्किल है, तो उन्हें नौकरी आसानी से मिल जाएगी लेकिन क्या वाकई ऐसा है? शिवशंकर का कहना है कि IT सेक्टर में परेशानी सिर्फ स्किल की कमी नहीं है बल्कि नौकरियों के मौके कम हैं और आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की संख्या काफी ज्यादा है. ऐसे में अच्छी स्किल और अनुभव होने के बावजूद कई लोगों को इंटरव्यू के लिए भी नहीं चुना जा रहा है.

(फोटो: एक्स पोस्ट/अमारा_बेंगलुरु)

जब नौकरी के लिए मुकाबला इतना बढ़ जाता है, तो उम्मीदवारों के लिए मौका पाना मुश्किल हो जाता है. ऐसे में नौकरी बदलने का फैसला लेना भी आसान नहीं रहता. दूसरी नौकरी का ऑफर मिले बिना मौजूदा नौकरी छोड़ना जोखिम भरा हो सकता है, क्योंकि नई नौकरी मिलने में उम्मीद से ज्यादा समय लग सकता है.

क्या मौजूदा नौकरी में बने रहना बेहतर है?

शिवशंकर ने यह माना कि इस स्थिति का कोई आसान समाधान नहीं है. उन्होंने IT प्रोफेशनल्स को सलाह दी कि वे नौकरी के बाजार की स्थिति को समझकर फैसला लें. उन्होंने कहा कि बेहतर मौके का इंतजार करते हुए मौजूदा नौकरी में बने रहना पड़ सकता है. हालांकि, नया अवसर मिलेगा ही, इसकी भी कोई गारंटी नहीं है. उनका कहना है कि सकारात्मक रहना जरूरी है, लेकिन फैसले लेते समय व्यावहारिक सोच भी रखनी चाहिए.

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IT कर्मचारियों के सामने अब यही सवाल है कि क्या वे कम ग्रोथ वाली मौजूदा नौकरी में बने रहें या नई नौकरी की तलाश में जोखिम उठाएं. ऐसे में कोई भी कदम उठाने से पहले अपनी आर्थिक स्थिति और नए अवसरों की संभावनाओं को समझना जरूरी है.

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