बीजेपी ने सोमवार को अपनी नई राष्ट्रीय सोशल मीडिया टीम का ऐलान किया. इस टीम में प्रीति गांधी और आलोक भट्ट को सह-संयोजक (को-कन्वीनर) बनाया गया है. नई जिम्मेदारी मिलने के कुछ ही घंटों बाद दोनों नेताओं ने अपने 'X' (ट्विटर) अकाउंट प्राइवेट कर लिए. इसके चलते आम यूजर्स को उनके पुराने ट्वीट्स और पोस्ट दिखने बंद हो गए.
पार्टी में हुए इस बड़े फेरबदल के तहत दीपक म्हास्के को सोशल मीडिया का नया राष्ट्रीय कन्वीनर नियुक्त किया गया है, जो अमित मालवीय की जगह लेंगे. उनकी मदद के लिए प्रीति गांधी, आलोक भट्ट, शिवानंद द्विवेदी और अरुण यादव को को-कन्वीनर की जिम्मेदारी सौंपी गई है. हालांकि, नए कन्वीनर दीपक म्हास्के और को-कन्वीनर अरुण यादव के 'X' अकाउंट्स सामान्य रूप से दिखाई दे रहे हैं.

यह बदलाव बीजेपी की नई राष्ट्रीय टीम के ऐलान का हिस्सा है. पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में संगठन में कई अहम जिम्मेदारियां बदली गई हैं.
नियुक्ति के बाद X पर क्या बदला?
नई जिम्मेदारी के ऐलान के कुछ ही समय बाद प्रीति गांधी और आलोक भट्ट के 'X' प्रोफाइल सामान्य तरीके से दिखाई नहीं दिए. दोनों नेताओं के अकाउंट्स की पब्लिक एक्सेस सीमित नजर आई, जिससे आम यूजर्स को उनके पुराने ट्वीट्स दिखने बंद हो गए.
प्रीति गांधी लंबे समय से सोशल मीडिया पर सक्रिय रही हैं और @MrsGandhi हैंडल से पोस्ट करती आई हैं. उनकी पहचान बेबाक राजनीतिक टिप्पणियों के लिए रही है. वे बीजेपी महिला मोर्चा के सोशल मीडिया से जुड़े काम में भी सक्रिय रही हैं.

आलोक भट्ट भी सोशल मीडिया पर लगातार अपनी बात रखते रहे हैं. राजनीतिक व नीतिगत मुद्दों पर उनके कई पोस्ट चर्चा में रहे हैं. नई जिम्मेदारी मिलने के बाद उनके X प्रोफाइल में आया यह बदलाव इसलिए भी ध्यान खींच रहा है.

अकाउंट क्यों किए गए प्राइवेट?
फिलहाल प्रीति गांधी या आलोक भट्ट की तरफ से यह नहीं बताया गया है कि उनके X अकाउंट सार्वजनिक क्यों नहीं रहे. इसलिए इसकी वजह को लेकर कोई पक्की बात कहना सही नहीं होगा.
हालांकि, नई जिम्मेदारी मिलने के बाद पुराने पोस्ट की समीक्षा एक संभावित वजह हो सकती है. सोशल मीडिया पर पहले किए गए किसी निजी बयान को पार्टी की आधिकारिक राय समझे जाने का खतरा रहता है. ऐसे में पुराने कंटेंट की जांच के दौरान अकाउंट की पहुंच सीमित करना एक तरीका हो सकता है.
नई भूमिका के साथ सोशल मीडिया पर पार्टी का संदेश भी अधिक व्यवस्थित तरीके से रखने की जरूरत होती है. निजी पोस्ट और पार्टी के आधिकारिक रुख के बीच अंतर साफ रहे, इसके लिए भी अकाउंट की सार्वजनिक पहुंच बदली जा सकती है.
फिलहाल इतना साफ है कि बीजेपी की नई सोशल मीडिया टीम के ऐलान के तुरंत बाद इन अकाउंट्स में बदलाव हुआ. इसके पीछे असल वजह क्या है, इस पर दोनों नेताओं की ओर से कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है