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'साधु संग आतंकवादी जैसा सलूक' प्रेमानंद के शिष्य की मौत पर भड़का संत समाज

प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण ने शुक्रवार सुबह गुरुकृपा कुंज आश्रम की चौथी मंजिल से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली थी. दीपक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनका प्राइवेट पार्ट कटने और ज्यादा ब्लीडिंग के कारण मौत की बात सामने आई. इस घटना के बाद वृंदावन के साधु-संतों में बड़ा रोष देखा जा रहा है.

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संतों ने इस बैठक में वृंदावन में साधु का भेष बदलकर घूम रहे बहरूपियों की जांच करने की मांग भी उठाई. (Photo: ITG)
संतों ने इस बैठक में वृंदावन में साधु का भेष बदलकर घूम रहे बहरूपियों की जांच करने की मांग भी उठाई. (Photo: ITG)

वृंदावन के प्रसिद्ध कथावाचक प्रेमानंद महाराज के शिष्य की मौत का मामला अब एक बड़ा रहस्य बनता जा रहा है. दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण ने शुक्रवार सुबह गुरुकृपा कुंज आश्रम की चौथी मंजिल से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली थी. दीपक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनका प्राइवेट पार्ट कटने और ज्यादा ब्लीडिंग के कारण मौत की बात सामने आई. फिर पुलिस को मृतक के कमरे से एक ग्राइंडर भी बरामद हुआ. इस घटना के बाद वृंदावन के साधु-संतों में बड़ा रोष देखा जा रहा है. परिक्रमा मार्ग स्थित ललित कुंज आश्रम में धर्म रक्षा संघ के बैनर तले साधु-संतों ने एक बैठक बुलाई और इसमें उच्च स्तरीय जांच कराए जाने की मांग भी की है.

धर्म रक्षा संघ की इस बैठक में महंत गंगादास जी महाराज ने कहा, 'उस महात्मा के साथ आतंकवादियों जैसा व्यवहार हुआ है. यह काम किसी भले आदमी ने नहीं, बल्कि आतंकवादी जैसी प्रवृत्ति वाले शख्स ने ही किया है. इसलिए इस घटना के लिए जिम्मेदारी शख्स पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए.' उन्होंने आरोप लगाया कि केली कुंज में इस प्रकार की घटनाएं पहले भी होती रही हैं. लोगों की जमीनों पर कब्जा और माफियागिरी जैसे मामले पहले भी सामने आए हैं.

उच्च स्तरीय जांच की मांग
वहीं, मथुरा के महंत मोहिनी शरण महाराज ने कहा, 'युवा साधु की मौत का हमें बहुत दुख है. यह आत्महत्या है या किसी ने उनकी हत्या की है, प्रशासन ने इस पर चुप्पी साध रखी है और अभी तक उच्च स्तरीय जांच भी गठित नहीं की गई है. प्रशासन से हमारी मांग है कि इस मामले में उच्च स्तरीय जांच गठित कर न्याय किया जाए. ताकि वृंदावन की छवि धूमिल न हो. यदि इस मामले में उच्च स्तरीय जांच गठित कर निष्पक्ष जांच नहीं की गई तो संत समाज बड़ा आंदोलन करेगा.'

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वृंदावन में साधु के भेष बनाकर घूमने वालों की हो जांच
उन्होंने आगे कहा कि प्रशासन से मेरी यह भी मांग है कि वृंदावन में जो भी असामाजिक तत्व संतों के कपड़े पहनकर, लंबी जटाएं, दाढ़ी और तिलक लगाकर घूम रहे हैं, उनकी भी जांच की जाए. वह किस अखाड़े से हैं? किस महात्मा के शिष्य हैं? इन सभी पहलुओं की जांच जरूरी है. वृंदावन की भूमि सनातन धर्म का स्तंभ है और इसे पवित्र रखना प्रशासन और संत समाज के लोगों की जिम्मेदारी है. वृंदावन में चरस, अफीम जैसे मादक पदार्थ भी तेजी से बढ़ रहे हैं. हमारे युवा साधु भी इसका शिकार हो रहे हैं.

एक अन्य संत ने आत्महत्या की बात को नकारते हुए आरोप लगाया कि इस घटना के पीछे जरूर किसी न किसी की साजिश है. कोई भी युवा साधु इस तरह अपना गुप्तांग काटकर छत से छलांग नहीं लगा सकता है. उन्होंने इसे एक जघन्य अपराध बताते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से निष्पक्ष जांच कराने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि यदि इस मामले में निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो संत समाज आंदोलन करेगा.

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