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13 साल के बच्चे ने मां को बताई दर्दनाक बात, मदरसा शिक्षक को कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद

हैदराबाद के रंगा रेड्डी जिले की फास्ट ट्रैक अदालत ने 13 साल के बच्चे के यौन शोषण के मामले में 30 वर्षीय मदरसा शिक्षक मोहम्मद मुनव्वर हुसैन को उम्रकैद की सजा सुनाई है. अदालत ने उस पर 25,500 रुपये का जुर्माना लगाया और पीड़ित को 2 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया. मामला पहाड़ी शरीफ थाने में दर्ज हुआ था.

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यौन शोषण के मामले में मदरसा शिक्षक को उम्रकैद. (Photo: Abdul Basheer/ITG)
यौन शोषण के मामले में मदरसा शिक्षक को उम्रकैद. (Photo: Abdul Basheer/ITG)

हैदराबाद में 13 साल के बच्चे के यौन शोषण के मामले में अदालत ने मदरसा शिक्षक को उम्रकैद की सजा सुनाई है. रंगा रेड्डी जिले की फास्ट ट्रैक अदालत ने सोमवार, 29 सितंबर को 30 वर्षीय मोहम्मद मुनव्वर हुसैन को दोषी ठहराते हुए यह सजा सुनाई. आरोपी मामिडिपल्ली स्थित मदरसा इस्लामिया काशिफुल उलूम में शिक्षक था. मामला पहाड़ी शरीफ पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था. पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, अदालत ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की धारा 351(2) और POCSO एक्ट 2012 की धाराओं 5(f)(l) और 6 के तहत दोषी ठहराया. अदालत ने उम्रकैद की सजा के साथ आरोपी पर 25,500 रुपये का जुर्माना भी लगाया. इसके अलावा पीड़ित बच्चे को 2 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया गया.

यह फैसला रंगा रेड्डी जिले के LB नगर स्थित फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट में सुनाया गया. यह अदालत रेप और POCSO एक्ट से जुड़े मामलों की सुनवाई और निपटारे के लिए बनाई गई है. अदालत ने सोमवार, 29 सितंबर को मामले में अपना फैसला सुनाते हुए मोहम्मद मुनव्वर हुसैन को दोषी करार दिया. यह मामला SC No. 210/2025 के तौर पर अदालत में चला. पुलिस के मुताबिक, मामला Crime No. 09/2025 के तहत पहाड़ी शरीफ पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था.

मदरसा में पढ़ता था 13 साल का बच्चा

पुलिस के मुताबिक, 13 वर्षीय पीड़ित बच्चा मदरसे में पढ़ता था. 26 दिसंबर 2024 को उसकी तबीयत खराब होने के बाद उसे घर लाया गया था.इसके अगले दिन यानी 27 दिसंबर को बच्चे की मेडिकल जांच कराई गई. पुलिस के मुताबिक, डॉक्टरों ने उसके निजी अंगों में गंभीर संक्रमण पाया. मेडिकल जांच के बाद मामले में परिवार की चिंता बढ़ी. पुलिस के अनुसार, इसके कुछ दिन बाद बच्चे ने अपनी मां को घटना के बारे में बताया.

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पुलिस के मुताबिक, बच्चे ने 1 जनवरी 2025 को अपनी मां को बताया कि 25 दिसंबर 2024 को उसके साथ मदरसा शिक्षक मोहम्मद मुनव्वर हुसैन ने कथित तौर पर यौन शोषण किया था. बच्चे की ओर से दी गई जानकारी के बाद परिवार ने पुलिस से संपर्क किया. इसके बाद मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू हुई. पुलिस के अनुसार, पीड़ित के पिता ने 4 जनवरी 2025 को पहाड़ी शरीफ पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया और जांच शुरू कर दी.

4 जनवरी को दर्ज हुआ था मामला

पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू की. पुलिस के अनुसार, मामले की जांच इंस्पेक्टर सी. जितेंद्र और इंस्पेक्टर पी. गुरुवा रेड्डी ने की.  वहीं, पहाड़ी शरीफ पुलिस स्टेशन के SHO इंस्पेक्टर बी. लक्ष्मी नारायण रेड्डी ने मामले की निगरानी की. जांच के दौरान पुलिस ने मामले से जुड़े साक्ष्यों को जुटाया और उन्हें अदालत के सामने पेश किया. पुलिस के मुताबिक, अदालत में पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ दोष सिद्ध हुआ.

पुलिस के मुताबिक, अदालत ने मोहम्मद मुनव्वर हुसैन को BNS की धारा 351(2) और POCSO एक्ट की धारा 5(f)(l) और 6 के तहत दोषी ठहराया. POCSO यानी Protection of Children from Sexual Offences Act बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा देने से जुड़ा कानून है. इस मामले में अदालत ने आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई है. इसके अलावा अदालत ने 25,500 रुपये का जुर्माना लगाया. पीड़ित बच्चे को 2 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश भी दिया गया.

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मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक कृष्ण प्रसन्ना ने पैरवी की. पुलिस ने बताया कि अदालत के सामने पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराया गया. पुलिस के मुताबिक, मामले में जांच अधिकारियों और अभियोजन टीम की भूमिका महत्वपूर्ण रही. पुलिस ने जांच अधिकारियों, अभियोजन टीम और मामले में सहयोग करने वाले अन्य कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना की है.

फैसले के बाद पुलिस ने मामले की जांच करने वाले अधिकारियों और अभियोजन पक्ष की टीम के प्रयासों को लेकर जानकारी दी. पुलिस के मुताबिक, इंस्पेक्टर सी. जितेंद्र और इंस्पेक्टर पी. गुरुवा रेड्डी ने मामले की जांच की थी. पहाड़ी शरीफ थाने के SHO इंस्पेक्टर बी. लक्ष्मी नारायण रेड्डी ने जांच की निगरानी की. अभियोजन पक्ष की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक कृष्ण प्रसन्ना ने अदालत में मामले को प्रस्तुत किया. पुलिस ने कहा कि अदालत में पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर दोषसिद्धि हुई.

बच्चे के बयान के बाद सामने आया मामला

पुलिस की दी गई जानकारी के अनुसार, मामला उस समय सामने आया जब 13 वर्षीय बच्चे की तबीयत खराब होने के बाद उसे घर लाया गया और मेडिकल जांच कराई गई. 27 दिसंबर को मेडिकल जांच में निजी अंगों में गंभीर संक्रमण मिलने के बाद घटनाक्रम आगे बढ़ा. इसके बाद 1 जनवरी को बच्चे ने अपनी मां को कथित यौन शोषण के बारे में बताया. बच्चे के पिता की शिकायत पर 4 जनवरी को पहाड़ी शरीफ पुलिस ने केस दर्ज किया. जांच पूरी होने के बाद मामला अदालत पहुंचा और SC No. 210/2025 के तौर पर इसकी सुनवाई हुई. अब रंगा रेड्डी जिले की फास्ट ट्रैक अदालत ने मामले में फैसला सुनाते हुए आरोपी मदरसा शिक्षक मोहम्मद मुनव्वर हुसैन को उम्रकैद की सजा दी है. अदालत ने जुर्माने के साथ पीड़ित को 2 लाख रुपये मुआवजा देने का भी आदेश दिया है.

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