बिहार के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में सियासी घमासान तेज हो गया है. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और राजद नेता तेजस्वी यादव पूरी ताकत से प्रचार में जुटे हैं. वहीं जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर की एंट्री ने इस मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है. सोमवार को नितिन नबीन ने पटना में बड़ा रोड शो किया और तेजस्वी यादव ने एनडीए सरकार पर तीखे हमले बोले. अब यह चुनाव भाजपा, राजद और जन सुराज के बीच त्रिकोणीय मुकाबला बन गया है.
सोमवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने बांकीपुर उपचुनाव प्रचार के तहत पटना में एक बड़ा रोड शो निकाला. इस रोड शो में बड़ी संख्या में समर्थक शामिल हुए और भाजपा कार्यकर्ताओं ने पार्टी की जीत को लेकर भरोसा जताया.
प्रचार के दौरान नितिन नबीन ने कहा कि बांकीपुर के लोगों ने हमेशा उनका साथ दिया है और उन्हें उम्मीद है कि यही समर्थन भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा को भी मिलेगा. विपक्षी दलों की चुनौती को खारिज करते हुए नितिन नबीन ने कहा कि बांकीपुर के मतदाता चुनाव नतीजों के जरिए अपना जवाब देंगे. उन्होंने कहा कि अलग अलग पार्टियों के दावे और सियासी समीकरण वोटों की गिनती के बाद साफ हो जाएंगे.
संदेश देंगे, वह देश के हर कोने तक पहुंचेगा. भाजपा पर निशाना साधते हुए तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार और चंदा चोरी में शामिल लोगों को बांकीपुर के मतदाताओं से करारा जवाब मिलेगा.
यह भी पढ़ें: बांकीपुर उपचुनाव: प्रशांत किशोर और सम्राट चौधरी के बीच आमने-सामने की टक्कर
तेजस्वी यादव ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर भी निशाना साधा और सरकार के कामकाज पर सवाल उठाते हुए कानून व्यवस्था से जुड़े मुद्दे उठाए. अपने बड़े भाई तेज प्रताप यादव और आंदोलन के दौरान गिरफ्तार हुए छात्रों के मुद्दे पर तेजस्वी यादव ने कहा कि अगर उन्हें रिहा नहीं किया गया तो बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा.
प्रशांत किशोर की बांकीपुर उपचुनाव में एंट्री पर तेजस्वी यादव ने जन सुराज पार्टी के वोट आधार पर सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि चुनाव नतीजे बताएंगे कि प्रशांत किशोर को मतदाताओं का कितना समर्थन हासिल है.
प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी बिहार में भाजपा और राजद के परंपरागत मुकाबले से हटकर अपनी जगह बनाने के मकसद से बांकीपुर उपचुनाव लड़ रही है. उनकी मौजूदगी ने इस चुनावी लड़ाई में एक नई परत जोड़ दी है.
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव अब त्रिकोणीय सियासी मुकाबला बन चुका है. भाजपा अपना गढ़ बचाने में जुटी है, राजद भाजपा के दबदबे को चुनौती देने की कोशिश में है और जन सुराज बिहार की राजनीति में अपनी पहचान बनाने में लगी है.