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'हमें आपके स्वास्थ्य की चिंता है...' बबीता फोगाट की सोनम वांगचुक से अनशन तोड़ने की अपील

पहलवान बबीता फोगाट ने अस्पताल में अनशन कर रहे सोनम वांगचुक से अनशन खत्म करने की अपील की है. बबीता ने कहा कि सभी को उनके स्वास्थ्य की चिंता है. उन्होंने भरोसा जताया कि पीएम मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार छात्रों की समस्याओं को हल करने के लिए पूरी तरह संवेदनशील है.

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बबीता फोगाट ने सोनम वांगचुक से अनशन खत्म करने की अपील की है. (Photo-ITG)
बबीता फोगाट ने सोनम वांगचुक से अनशन खत्म करने की अपील की है. (Photo-ITG)

पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर अस्पताल से अनशन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन और स्वास्थ्य को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं. इस बीच, राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता और ओलंपिक पहलवान बबीता फोगाट ने सोनम वांगचुक से अपना अनशन समाप्त करने का विनम्र आग्रह किया है.

बबीता फोगाट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि पूरा देश सोनम वांगचुक के योगदान का सम्मान करता है और उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंतित है. "समाज हित में अपना योगदान देने वाले आदरणीय सोनम वांगचुक जी से मेरा विनम्र आग्रह है कि वे अपना अनशन समाप्त करें. हम सभी को आपके स्वास्थ्य की चिंता है. हमें पूर्ण विश्वास है कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार छात्रों की हर समस्याओं को हल करने के लिए संवेदनशील भी है और समर्पित भी."

बबीता फोगाट ने आगे कहा कि केंद्र सरकार ने स्कूली छात्रों से लेकर देश के युवाओं के रोजगार, कौशल विकास और उज्ज्वल भविष्य के लिए अनेकों ऐतिहासिक प्रयास किए हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकहित और राष्ट्रहित से जुड़े सभी विषयों का समाधान केवल संवाद और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विश्वास रखने से ही संभव है, न कि स्वास्थ्य को जोखिम में डालने से.

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28 जून से हड़ताल पर हैं वांगचुक

आपको बता दें कि सोनम वांगचुक 28 जून 2026 से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं. वह कथित NEET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं के मुद्दे पर छात्रों के समर्थन में आंदोलन कर रहे हैं. उनकी प्रमुख मांगों में शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करना और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी शामिल रही है.

लंबे अनशन के कारण उनकी तबीयत बिगड़ने पर पहले उन्हें सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था. बाद में दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश पर उन्हें उनकी पसंद के निजी अस्पताल गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में स्थानांतरित किया गया. फिलहाल वह मेदांता अस्पताल के ICU में भर्ती हैं, जहां अस्पताल के अनुसार उनकी हालत स्थिर है और डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है.

 

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