लोकसभा में कांग्रेस सांसद ने शून्यकाल के दौरान पंजाब से जुड़ा एक मुद्दा उठाया. कांग्रेस सांसद ने गृह मंत्री अमित शाह से पूरी बात सुनकर जाने का अनुरोध किया. इस पर गृह मंत्री अमित शाह अपनी जगह रुके और सांसद से कहा कि मुझे लिखकर दे दें कि इसे सीबीआई को दिया जाए. मैं टप से लिखकर दे दूंगा.
दरअसल, लोकसभा में शून्यकाल के दौरान पंजाब के अमृतसर से कांग्रेस के सांसद गुरजीत सिंह औजला ने कहा कि पंजाब में एफसीआई के वेयर हाउस के टेंडर निकले. वहां का एक मंत्री 50 हजार मीट्रिक टन के टेंडर लेना चाहता था. उन्होंने कहा कि पंजाब के उस मंत्री ने प्रशासन पर दबाव बनाया. 20 हजार टन तो उसको मिल गए, 30 हजार टन किसी और को मिल गए. औजला ने कहा कि आठ महीने प्रॉसेस लेट हुआ उसका.
वह आगे बोल ही रहे थे कि उनकी नजर अपनी सीट से उठकर जा रहे गृह मंत्री अमित शाह पर पड़ी. कांग्रेस सांसद औजला ने उनसे बैठने का अनुरोध करते हुए कहा कि गृह मंत्री जी, प्लीज सुन के जाइए. बहुत खराब स्थिति है. पंजाब की बात सुनना जरूरी है सर आपका. उन्होंने आगे बोलना शुरू किया और कहा कि इसके बाद सर उसको बुलाया गया.
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गृह मंत्री अमित शाह ने इतने पर ही औजला को रोकते हुए कहा कि एक मिनट, सुनो तो. उन्होंने चेयर को संबोधित करते हुए कहा कि ये मुझे बैठने के लिए कह रहे हैं, ये जो मसला है, पंजाब राज्य का है. अमित शाह ने कहा कि पंजाब के सारे सांसदों से निवेदन है कि मुझे लिखकर दे दें कि इसे सीबीआई को दे दें. मैं टप से लिखकर दे दूंगा.
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यह बोलकर गृह मंत्री अपनी सीट से चले गए. कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने आगे कहा कि गगन जो डीएम था वेयरहाउस का, उसको बुलाकर मंत्री ने पीटा. उसको धमकाया गया. उसने पूरी गुहार लगाई. कुछ नहीं हुआ. एक हफ्ते बाद सुसाइड कमिट किया और इसके 18 घंटे बाद तक भी एफआईआर नहीं दर्ज की गई. उसके बच्चे रोते नहीं देखे जा सकते. वह एमबीए गोल्ड मेडलिस्ट है, पीएचडी डबल है.
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कांग्रेस सांसद ने कहा कि पंजाब में ईमानदार अफसर काम नहीं कर पा रहे हैं. सुसाइड कमिट करने के लिए मजबूर हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि वह टेंडर उस मंत्री के पिता के नाम से हो रहा था. उसे लेने के लिए मंत्री ने कहा कि तेरे बच्चों को गैंगस्टर से मरवा दूंगा. औजला ने इस मामले की एनआईए जांच की डिमांड की.