शनिवार को ईरान ने इजरायल के डिमोना भीषण मिसाइल हमला किया था जिसमें दर्जनों लोग घायल हो गए थे. (Photo-Reuters) ईरान-इजरायल युद्ध आज अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश दिखने के बजाय यह संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है. ईरान द्वारा इजरायल के अराद और डिमोना (Dimona) शहरों पर किए गए भीषण मिसाइल हमलों से दुनिया हैरान है. ये शहर रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हैं, इसलिए अब यह जंग सीधे तौर पर परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है. युद्ध का सबसे घातक असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में आवाजाही ठप होने से तेल और गैस की वैश्विक सप्लाई चेन बुरी तरह चरमरा गई है. दर्जनों मालवाहक जहाज और टैंकर अभी भी समुद्र के बीच फंसे हुए हैं, जिससे दुनिया भर में ईंधन की कीमतों में उछाल आने का खतरा मंडरा रहा है. इस बीच, डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सीधे शब्दों में चेतावनी दी है कि वह 48 घंटों के भीतर 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' का रास्ता साफ करे नहीं तो अमेरिकी सेना ईरान के पावर प्लांट्स को निशाना बनाना शुरू कर देगी. पढ़ें जंग से जुड़ी हर ताजा अपडेट-
ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर 23 मार्च को ईरान युद्ध के आर्थिक प्रभावों पर एक आपातकालीन बैठक की अध्यक्षता करेंगे. जिसमें वित्त मंत्री राचेल रीव्स और बैंक ऑफ इंग्लैंड के गवर्नर एंड्रयू बेली भी शामिल होंगे.
ईरान की राजधानी तेहरान के कई हिस्सों में धमाकों की आवाजें सुनी गईं. दूसरी तरफ सऊदी अरब के रियाद की ओर दो बैलिस्टिक मिसाइलें देखी गईं.
ईरान में IRGC जवान द्वारा मिसाइल पर स्पेन PM पेड्रो सांचेज की तस्वीर लगाने की फोटो वायरल है, जो उनके बयान पर समर्थन का प्रतीक मानी जा रही है. पूरी खबर को यहां क्लिक कर पढ़ सकते हैं - ईरानी मिसाइलें पर स्पेन PM की तस्वीर... ट्रंप को चिढ़ा रहा तेहरान? जानें मामला
International Energy Agency (IEA) ने माना कि मिडिल ईस्ट में हालात बेहद गंभीर हैं. IEA प्रमुख बिरोल ने कहा कि मौजूदा समस्याओं का सबसे बड़ा और एकमात्र समाधान 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को फिर से खोलना है. उन्होंने कहा कि यह संकट 1970 के दशक के दो तेल संकटों को मिलाकर भी कहीं ज़्यादा गंभीर है.
IRGC के लड़ाके बैलिस्टिक मिसाइल पर स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज के स्टिकर लगा रहे हैं. इन स्टिकर्स पर उनका वह बयान छपा है जिसमें उन्होंने ईरान के खिलाफ युद्ध की आलोचना की है और अपने इस रुख के लिए उनकी सराहना की है.
मिडिल ईस्ट जंग पर पोप लियो ने कहा, 'इन युद्धों से होने वाली मृत्यु और पीड़ा, संपूर्ण मानव परिवार के लिए एक कलंक है और ईश्वर तक पहुंचने वाली एक चीख है.'
ईरान और इजरायल के बीच जारी युद्ध और खतरनाक होता जा रहा है. सोमवार आधी रात के बाद इजरायल, यरुशलम और वेस्ट बैंक का आसमान क्लस्टर वारहेड से लैस ईरानी मिसाइलों की रोशनी से दहल उठा. मिसाइल हमलों के बाद कई इलाकों में एयर रेड सायरन बज उठे और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए अलर्ट जारी किया गया. पढ़ें पूरी खबर
शहबाज शरीफ सरकार ने लग्जरी वाहनों में इस्तेमाल होने वाले हाई-ऑक्टेन ईंधन पर शुल्क को ₹100 से बढ़ाकर ₹300 प्रति लीटर कर दिया है. वैश्विक तेल कीमतों में उछाल और क्षेत्रीय तनाव के कारण पाकिस्तान में ऊर्जा संकट गहराता जा रहा है.
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और बढ़ता जा रहा है। U.S. Central Command (CENTCOM) ने एक नया वीडियो जारी कर दावा किया है कि अमेरिकी सेना लगातार ईरान के वन-वे अटैक ड्रोनक्षमता को नष्ट कर रही है. अमेरिकी सेना का कहना है कि इन ड्रोन का इस्तेमाल क्षेत्र में अंधाधुंध हमलों के लिए किया जा रहा था, जिनमें नागरिकों को भी निशाना बनाया गया.
इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग अब लेबनान तक फैल गई है. रविवार को इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने लेबनान सीमा पर बड़े पैमाने पर सैन्य वाहनों और सैनिकों की तैनाती की है. यह कदम हिजबुल्लाह द्वारा इजरायली क्षेत्र में किए जा रहे निरंतर रॉकेट हमलों के जवाब में उठाया गया है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के पावर प्लांट्स को "मिटाने" की धमकी के बाद, ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने होर्मुज की स्थिति को स्पष्ट करते हुए इसे अमेरिका द्वारा शुरू किया गया "चुनिंदा युद्ध" करार दिया. विदेश मंत्री ने दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट आधिकारिक तौर पर बंद नहीं है. उन्होंने कहा कि जहाजों की आवाजाही इसलिए रुकी है क्योंकि बीमा कंपनियां अमेरिका द्वारा शुरू किए गए युद्ध से डरी हुई हैं, न कि ईरान से.
सोमवार तड़के संयुक्त अरब अमीरात के विभिन्न हिस्सों में तेज धमाकों की आवाजें सुनी गईं. UAE के रक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि ये आवाजें ईरान की ओर से दागी गई बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन को इंटरसेप्ट करने के कारण हुई थीं. मंत्रालय के अनुसार, UAE की वायु रक्षा प्रणालियों और लड़ाकू विमानों ने कई खतरों को सफलतापूर्वक हवा में ही नष्ट कर दिया है.