उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष एवं वरिष्ठ नेता अजय कुमार लल्लू ने देहरादून में मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए. उन्होंने SIR प्रक्रिया रद्द करने, बैलेट पेपर से चुनाव कराने और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की. लल्लू ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ रैली की जानकारी भी दी.
वरिष्ठ नेता अजय कुमार लल्लू ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ अभियान के तहत देहरादून पहुंचे थे. उन्होंने वहां मीडिया से बात करते हुए मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए. उन्होंने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची से नाम हटाए जाने और नई प्रविष्टियों में गड़बड़ी होने के आरोप लगाए. लल्लू ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता लोकतंत्र की विश्वसनीयता के लिए जरूरी है और इस पर सवाल उठने की स्थिति में संबंधित आरोपों की जांच होनी चाहिए.
लल्लू ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि कुछ मामलों में एक ही ईपीआईसी (EPIC) नंबर पर नाम बदलने और मतदाताओं की प्रविष्टियों में बदलाव किए जाने की शिकायतें सामने आई हैं. उन्होंने पीलीभीत सदर विधानसभा क्षेत्र का उल्लेख करते हुए दावा किया कि वहां 16,554 मतदाता प्रविष्टियों में कथित अनियमितताएं हुईं.
उनके अनुसार, इनमें 13,150 प्रविष्टियों में ईपीआईसी नंबर समान रखते हुए नाम बदले गए, 884 मतदाताओं के नाम हटाए गए और 2,600 बाहरी लोगों के नाम जोड़े गए. हालांकि, इन आंकड़ों और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस पत्रकार वार्ता में उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं की जा सकती.
कांग्रेस नेता ने उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल की मतदाता सूचियों में भी अनियमितताओं का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए और पात्र मतदाताओं को अपने मताधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए. उन्होंने चुनाव आयोग से इन आरोपों पर सफाई देने और मतदाता सूची की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने की मांग की.
पत्रकार वार्ता के दौरान लल्लू ने तीन मांगें रखीं. उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, आगामी चुनाव बैलेट पेपर से कराने और एसआईआर प्रक्रिया को रद्द करने की मांग की. ये कांग्रेस की ओर से रखी गई राजनीतिक मांगें हैं. उन्होंने कहा कि पार्टी मतदाताओं के अधिकारों के मुद्दे को बूथ स्तर से लेकर अदालत तक ले जाएगी.
लल्लू ने बताया कि 1 नवंबर को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में राहुल गांधी के नेतृत्व में ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ मार्च और रैली आयोजित करने की योजना है. उनके अनुसार, इसमें उत्तर प्रदेश से 50 हजार और उत्तराखंड से 25 हजार से अधिक कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नागरिकों के शामिल होने की उम्मीद है. उन्होंने लोगों से चुनाव आयोग की वेबसाइट पर अपने ईपीआईसी नंबर के माध्यम से मतदाता सूची में नाम की जांच करने की अपील भी की.