20 जुलाई को संसद के मानसून सत्र के पहले दिन CJP कार्यकर्ताओं ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर संसद की ओर मार्च किया. प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े. इसी दौरान एक प्रदर्शनकारी ने आंसू गैस का गोला उठाकर वापस पुलिस की ओर फेंक दिया. (Photo: PTI)
इसके बाद 23 जुलाई को तिरुवनंतपुरम में स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) के कार्यकर्ताओं ने भी प्रदर्शन किया. इस प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया. इस दौरान पानी की तेज धार के बीच लड़के प्रोटेस्ट करते रहे. पानी की तेज धार के बीच भी प्रदर्शनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं दिखे.(Photo: PTI)
दिल्ली के अलावा हजारों किलोमीटर दूर मुंबई में भी इस आंदोलन की गूंज सुनाई दी. यहां 22 जुलाई को मॉडल रिया पुलिस वैन के सामने दोनों हाथ फैलाकर खड़ी हो गईं. यहां भी कॉकरोच जनता पार्टी का समर्थन करते हुए छात्रों ने बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया. रिया ने पुलिस वैन के सामने प्रदर्शन किया. यह तस्वीर बताती है कि CJP का आंदोलन दिल्ली से निकलकर दूसरे शहरों तक पहुंच चुका था. (Photo: PTI)
राजधानी दिल्ली में स्थित जंतर-मंतर पर पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भूख हड़ताल पर थे. इस दौरान उनकी पत्नी गीतांजलि जे. आंगमो आंदोलन में शामिल हुईं. उन्होंने प्रोटेस्ट को सपोर्ट किया. वहीं सोनम वांगचुक ने यहां लद्दाख को संवैधानिक सुरक्षा देने की मांग भी दोहराई. (Photo: PTI)
नई दिल्ली के जंतर मंतर पर जिस वक्त प्रदर्शन चल रहा था और पुलिस वहां बल प्रयोग कर रही थी. उस दौरान आंदोलनकारियों के बीच तनाव बढ़ गया था. इसी दौरान एक युवती आगे आकर दोनों के बीच खड़ी हो गई. (Photo: PTI)
जंतर-मंतर पर आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों के हाथों में पोस्टर थे और वे नारे लगा रहे थे. युवाओं ने सरकार के खिलाफ खुलकर नाराजगी जाहिर की. इसके तमाम वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी सामने आईं. आंदोलन के दौरान एक पोस्टर सबसे ज्यादा चर्चा में रहा- 'हम आपके बच्चे नहीं हैं'. यह सिर्फ एक नारा नहीं था, ये प्रदर्शनकारियों की नाराजगी और सरकार से जवाबदेही की मांग थी. (Photo: PTI)
जंतर-मंतर पर जब सोनम वांगचुक भूख हड़ताल पर थे. इस दौरान 18 जुलाई को CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके भी प्रोटेस्ट को आगे बढ़ाते हुए हड़ताल शुरू कर रहे थे, तभी एक महिला ने उन पर स्याही फेंक दी थी. यह घटना सामने आई तो तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई. (Photo: PTI)
21 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ रही थी. उन्हें 18 जुलाई को जंतर-मंतर से अस्पताल ले जाया गया. बाद में उन्होंने गुरुग्राम के अस्पताल में अपना अनशन समाप्त किया. अस्पताल जाते समय हाथ हिलाते वांगचुक की यह तस्वीर सामने आई थी. (Photo: PTI)
20 जुलाई को संसद मार्च का ऐलान किया गया था. इस दौरान जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में युवा पहुंच चुके थे. प्रदर्शनकारी बैरिकेड तक पहुंच गए थे, तभी पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की और झड़प होने लगी. (Photo: PTI)
नई दिल्ली में विरोध मार्च के दौरान समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव भी पहुंचीं थीं. इस दौरान उन्होंने प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं से बात करते हुए उनका हाल जाना और सरकार पर निशाना साधा था. डिंपल ने प्रदर्शन करने वाली छात्रा को अपने हाथों से पानी पिलाया और हौसला बढ़ाया. (Photo: PTI)
25 जुलाई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर CJP समर्थकों ने जश्न मनाया. पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका समर्थकों के साथ जीत का जश्न मनाते नजर आए. 49 दिनों तक चले आंदोलन के बाद यह तस्वीर उस पल की गवाह बनी, जब नारों की जगह तालियों और जश्न ने ले ली. (Photo: ITG)
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के बीच 25 जुलाई को धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपना इस्तीफा दे दिया. जैसे ही ये बात CJP कार्यकर्ताओं तक पहुंची तो उन्होंने जश्न मनाया. 49 दिनों तक चले आंदोलन के बाद प्रदर्शनकारियों ने इसे अपनी सबसे बड़ी जीत बताया. (Photo: PTI)