मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर में हुए दान घोटाले को लेकर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे के आरोपों के बीच सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष सदा सर्वणकर ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि जिन मंदिर कर्मचारियों को आरोपों के आधार पर पुलिस ने हिरासत में लिया था, उन्हें पहले पुलिस हिरासत और उसके बाद न्यायिक हिरासत में भेजा गया था.
सदा सर्वणकर ने कहा कि अब तक पुलिस ने कुल आठ लोगों को हिरासत में लिया था. इन सभी को पहले तीन दिन की पुलिस रिमांड पर रखा गया. पुलिस हिरासत पूरी होने के बाद उनके खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया हुई और बाद में अदालत ने सभी को जमानत दे दी. उन्होंने बताया कि जमानत पाने वालों में नरेश खाडे भी शामिल हैं.
कानून के मुताबिक चल रही है मामले की जांच
ट्रस्ट अध्यक्ष ने कहा कि मामले की जांच कानून के मुताबिक चल रही है और न्यायालय की प्रक्रिया का पूरा सम्मान किया जा रहा है. उन्होंने संकेत दिया कि अब तक की कार्रवाई के बाद संबंधित आरोपियों को अदालत से राहत मिल चुकी है. गौरतलब है कि हाल ही में राज ठाकरे ने सिद्धिविनायक मंदिर में दान राशि के कथित घोटाले का मुद्दा उठाते हुए इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की थी, जिसके बाद यह मामला राजनीतिक और सार्वजनिक चर्चा का विषय बन गया है.
मनसे चीफ राज ठाकरे ने लगाए थे आरोप
बता दें कि महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने मंदिरों में चढ़ावे को लेकर बड़ा आरोप लगाया थी. बीते शनिवार को अपनी पार्टी की छात्र इकाई के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने दावा किया था कि मुंबई के प्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर में हर साल करीब 18 करोड़ रुपये के दान का गबन किया जा रहा था. इसके साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि अयोध्या के राम मंदिर में 1,400 करोड़ रुपये की चोरी हुई है. राज ठाकरे ने कहा कि मंदिर भी अब भ्रष्टाचार से अछूते नहीं रहे हैं और इस मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सामने आकर जवाब देना चाहिए.
राज ठाकरे ने कहा कि आज का युवा निराशा और हताशा में मंदिरों का रुख करता है, लेकिन अगर वहां भी भ्रष्टाचार हो तो लोगों का विश्वास कमजोर होता है. उन्होंने कहा, "आजकल मंदिर भी सुरक्षित नहीं हैं."
मंदिर की आय में हुई बढ़ोतरी
सिद्धिविनायक मंदिर का जिक्र करते हुए ठाकरे ने बताया कि मंदिर के दानपात्र से पैसे चोरी करने वाले कुछ कर्मचारियों का पर्दाफाश ट्रस्ट की सतर्कता के कारण हो सका. उन्होंने दावा किया कि उन्हें मंदिर ट्रस्ट के आठ ट्रस्टियों द्वारा महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को लिखे गए पत्र की जानकारी मिली है. ठाकरे के अनुसार, चोरी का मामला सामने आने से पहले मंदिर में साप्ताहिक दान 50 लाख रुपये से भी कम था, लेकिन कार्रवाई के बाद यह बढ़कर करीब 1.5 करोड़ रुपये प्रति सप्ताह हो गया. उन्होंने आरोप लगाया कि इस आधार पर हर साल लगभग 18 करोड़ रुपये का गबन किया जा रहा था.
हालांकि, सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष और शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) के नेता सदा सर्वणकर ने राज ठाकरे के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मामले में नौ कर्मचारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और जहां जरूरत थी वहां कानूनी कार्रवाई भी की गई है. उन्होंने कहा कि ट्रस्ट द्वारा निगरानी और प्रबंधन में सुधार के कारण मंदिर की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है. उनके मुताबिक, दो साल पहले मंदिर की वार्षिक आय 114 करोड़ रुपये थी, जो अब बढ़कर 182 करोड़ रुपये हो गई है.