महाराष्ट्र के पालघर के एक आश्रम स्कूल के छात्र की मौत हो गई है. पालघर के आश्रम स्कूल के एक छात्र को तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल ले जाया जा रहा था. इसी दौरान उसकी रास्ते में ही मौत हो गई. मृतक पालघर के मासवण आश्रम स्कूल का छात्र बताया जा रहा है. छात्र के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा दिया गया है. मृतक सर्दी-खांसी और बुखार से पीड़ित बताया जा रहा है.
जानकारी के मुताबिक पालघर के मासवण स्थित आदिवासी विकास विभाग की सहायता से संचालित प्राथमिक और माध्यमिक आश्रम स्कूल में सात साल का श्रीयांश शैलेश आंबात पहली कक्षा में पढ़ता था. 24 अगस्त को श्रीयांश की तबीयत अचानक बिगड़ गई. श्रीयांश को 22 अगस्त के दिन भी बुखार आया था, जिसके बाद उसे उपचार के लिए मासवण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया था. उपचार के बाद श्रीयांश की तबीयत में सुधार बताया गया.
श्रीयांश की तबीयत 24 अगस्त को अचानक बिगड़ गई. श्रीयांश को उपचार के लिए तत्काल मनोर ग्रामीण अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उसने दम तोड़ दिया. अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. श्रीयांश की मौत का सही कारण अभी स्पष्ट नहीं हुआ है. प्रशासन के मुताबिक श्रीयांश के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा दिया गया है. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही छात्र की मौत का सही कारण स्पष्ट हो पाएगा.
26 छात्रों को सर्दी-खांसी और बुखार
मासवण आश्रम स्कूल के 26 छात्रों को सर्दी, खांसी और बुखार की समस्या है. इन सभी को उपचार के लिए मासवण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है. एक ही आश्रम स्कूल के इतने छात्रों के साथ बीमार पड़ने से अभिभावक चिंतित हैं. अभिभावकों ने आरोप लगाया है कि आश्रम स्कूल के विद्यार्थियों को सुबह के समय ठंडे पानी से नहाना पड़ता है.
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अभिभावकों ने विद्यार्थियों के बीमार पड़ने पर चिकित्सा सुविधा को लेकर भी सवाल उठाए हैं. एक अभिभावक संदीप गवली ने विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए अपील की है कि आश्रम स्कूल के सभी छात्रों की स्वास्थ्य जांच कराई जाए और जरूरी उपचार उपलब्ध कराया जाए.
छात्रों की बीमारी पर क्या बोले अधिकारी
आदिवासी विकास परियोजना अधिकारी विशाल खत्री ने कहा है कि श्रीयांश को उपचार के लिए मासवण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया था. इसके बाद दो दिन उसने क्लास अटेंड की और वह खेल भी रहा था. लेकिन 24 अगस्त को अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई विशाल खत्री ने कहा कि श्रीयांश को उपचार के लिए मनोर ग्रामीण अस्पताल ले जाया जा रहा था, इसी दौरान डॉक्टरों ने उसकी मौत की जानकारी दी. मौत का सही कारण पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही स्पष्ट होगा.
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उन्होंने यह भी कहा कि जिला स्वास्थ्य अधिकारी की सलाह पर मासवण आश्रम स्कूल में दोबारा स्वास्थ्य जांच की गई है. विशाल खत्री ने 26 छात्रों के बुखार, खांसी और सर्दी के के कारण इलाज के लिए मासवण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती होने की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि परिसर की साफ-सफाई और पानी के शुद्धिकरण के लिए जरूरी उपाय किए जा रहे हैं. ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटना फिर ना हो, इसके लिए सभी जरूरी सावधानियां बरती जा रही हैं.