नासिक के चर्चित टीसीएस धर्मांतरण और यौन शोषण मामले में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के पूर्व सांसद इम्तियाज जलील की मुश्किलें बढ़ गई हैं. नासिक पुलिस ने मुख्य आरोपी निदा खान को छिपाने और उसे पनाह देने के आरोप में इम्तियाज जलील के खिलाफ मामला दर्ज किया है.
हालांकि इस संबंध में आधिकारिक बयान का इंतजार है, लेकिन टीसीएस मामले की एसआईटी प्रमुख संदीप मिटके ने इसकी पुष्टि की है. जून 2026 में दाखिल 3,500 पन्नों की चार्जशीट के दौरान एआईएमआईएम के पूर्व पार्षद मतीन पटेल से पूछताछ में इम्तियाज जलील का नाम सामने आया था.
पुलिस पूछताछ में मतिन पटेल ने कहा था कि "मुझे इम्तियाज जलील साहब से पूछना होगा." मुख्य आरोपी निदा खान की अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद से वह फरार थी, जिसे बाद में पुलिस ने छत्रपति संभाजीनगर के नारेगांव इलाके से गिरफ्तार कर लिया.
क्या है पूरा TCS मामला?
यह पूरा मामला महाराष्ट्र के नासिक स्थित TCS की एक इकाई से जुड़ा है. यहां काम करने वाली कुछ महिला कर्मचारियों ने कंपनी के सहकर्मियों और अधिकारियों पर यौन उत्पीड़न, मानसिक प्रताड़ना और इस्लाम धर्म अपनाने के लिए दबाव बनाने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे. शिकायतों में पीछा करने, सोशल मीडिया के जरिए आपत्तिजनक संदेश भेजने और खान-पान की आदतें बदलने के लिए दबाव डालने के आरोप भी शामिल थे.
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मामले की शुरुआत नासिक के देवलाली कैंप पुलिस थाने में दर्ज शिकायतों से हुई थी. जांच के दौरान दानिश शेख, तौसीफ अत्तार और निदा खान समेत कई लोगों के नाम सामने आए. मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम गठित की गई, जो अब तक दो आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है. SIT की ओर से दाखिल आरोपपत्र में पीड़िताओं के बयानों के आधार पर धर्म परिवर्तन की कथित योजना से जुड़े कई दावे भी दर्ज किए गए हैं.
एक पीड़िता ने अपने बयान में आरोप लगाया कि उसे इस्लाम धर्म अपनाने के लिए तैयार करने के साथ ही नई पहचान देने और परिवार से यह बात छिपाने की योजना बनाई जा रही थी.