हर महीने बड़ी रकम बचाना मुश्किल है, खासकर तब जब आपकी कमाई तय न हो. गिग वर्कर्स, डिलीवरी पार्टनर्स, फ्रीलांसर और असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों के लिए रिटायरमेंट की बचत अक्सर पीछे छूट जाती है. अब ऐसे लोगों को नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) से जोड़ने के लिए पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) डिजिटल सुविधा बढ़ाने की तैयारी में है. NPS Tatkal के जरिए बैंक के KYC रिकॉर्ड की मदद से सिर्फ तीन क्लिक में पेंशन खाता खोलने और UPI से 10 रुपये जैसी छोटी रकम जमा करने की सुविधा दी जाएगी.
PFRDA के चेयरमैन एस रमन ने बुधवार को मुंबई में 'लीडरशिप इवेंट ऑन NPS Tatkal' के दौरान इसकी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि इस पहल का मकसद पेंशन खाता खोलना और उसमें पैसे जमा करना आसान बनाना है, ताकि कम आमदनी वाले लोग भी छोटी-छोटी रकम बचाकर रिटायरमेंट के लिए फंड तैयार कर सकें. रेगुलेटर को उम्मीद है कि अगले 2 से 3 साल में NPS से 4 से 5 करोड़ नए ग्राहक जुड़ सकते हैं. इसके साथ ही PFRDA ने 2040 से काफी पहले पेंशन कॉर्पस को 100 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है.
क्या है NPS Tatkal, कैसे खुलेगा खाता?
NPS Tatkal का मकसद पेंशन खाता खोलने की प्रक्रिया को आसान और तेज बनाना है. अभी खाता खोलते समय कई जानकारियां भरनी पड़ती हैं, लेकिन नई सुविधा में ग्राहक के बैंक के पास पहले से मौजूद KYC (Know Your Customer) रिकॉर्ड का इस्तेमाल किया जाएगा. इससे ग्राहक को अपनी निजी जानकारी बार-बार भरने की जरूरत नहीं होगी. PFRDA चेयरमैन के मुताबिक, पूरी ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया करीब 10 सेकंड में पूरी हो सकती है. इसका मोटो है- 'तीन क्लिक में NPS अपना'. इस पहल में मौजूदा बैंकिंग और UPI सिस्टम का इस्तेमाल किया जाएगा. यानी ग्राहक को पेंशन खाते से जुड़ने के लिए अलग से लंबी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा. हालांकि, NPS Tatkal की शुरुआत की सटीक तारीख अभी इस जानकारी में नहीं बताई गई है.
रोज ₹10 जमा करने की मिलेगी सुविधा
NPS Tatkal की सबसे अहम बात छोटी रकम से बचत करने की सुविधा है. ग्राहक UPI के जरिए रोजाना 10 रुपये या चाहें तो हर घंटे भी 10 रुपये अपने NPS खाते में जमा कर सकेंगे. यह पूरी तरह ग्राहक की मर्जी पर होगा. उदाहरण के लिए, अगर कोई व्यक्ति रोज 10 रुपये जमा करता है, तो 30 दिनों में उसके खाते में 300 रुपये जुड़ जाएंगे. इस तरह नियमित रूप से छोटी रकम जमा करके भी रिटायरमेंट के लिए बचत की जा सकती है. हालांकि, यहां एक जरूरी अंतर समझना होगा. 10 रुपये न्यूनतम योगदान की रकम है, जबकि NPS खाता खोलते समय कम से कम 250 रुपये जमा करने होंगे. अब NPS में ट्रांजैक्शन चार्ज नहीं लगता. इसलिए छोटी रकम जमा करने पर अतिरिक्त लेनदेन शुल्क का बोझ नहीं पड़ेगा.
कम आमदनी वालों को जोड़ने पर जोर
PFRDA का खास फोकस उन लोगों पर है, जिनकी आमदनी हर महीने एक जैसी नहीं होती. इनमें डिलीवरी पार्टनर, कैब ड्राइवर, फ्रीलांसर और असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोग शामिल हैं. ऐसे लोगों के लिए हर महीने एक तय रकम बचाना मुश्किल हो सकता है. कई बार कमाई अच्छी होती है, तो कई बार खर्च और जरूरतों के कारण बचत नहीं हो पाती. ऐसे में रोज 10 रुपये जैसी छोटी रकम जमा करने का विकल्प उन्हें पेंशन के लिए बचत शुरू करने में मदद कर सकता है. PFRDA चेयरमैन एस रमन ने कहा कि कम आमदनी वाले लोगों, असंगठित क्षेत्र के कामगारों और गिग वर्कर्स के लिए NPS को बचत का सबसे आसान विकल्प बनाने की कोशिश की जा रही है. उनका मानना है कि पैसे जमा करने में आसानी और अपनी सुविधा के मुताबिक रकम डालने का विकल्प लोगों में बचत की आदत विकसित कर सकता है.
₹1 लाख के फंड पर सालाना ₹200 कमीशन
NPS Tatkal के जरिए बैंक भी नए ग्राहकों को जोड़ सकेंगे. इसके लिए बैंकों को हर नए खाते पर 100 रुपये की ऑनबोर्डिंग फीस और खाते में मौजूद फंड पर सालाना 0.2 फीसदी कमीशन मिलेगा. इसे आसान उदाहरण से समझें तो अगर किसी के NPS खाते में 1 लाख रुपये का फंड है, तो सालभर का कुल कमीशन करीब 200 रुपये होगा. PFRDA के मुताबिक, पेंशन खाते से ग्राहक लंबे समय तक जुड़े रहते हैं, इसलिए बैंकों को भी लंबे समय के ग्राहक संबंध बनाने का मौका मिलेगा. PFRDA चेयरमैन ने NPS को दुनिया के सबसे कम लागत वाले रिटायरमेंट प्रोडक्ट्स में से एक बताया. उनके मुताबिक, इसमें कुल कमीशन एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) का सालाना 0.2 फीसदी है. कम लागत की वजह से इस योजना में निवेश का खर्च सीमित रहता है.
देश में कितने कामगार NPS और APY से जुड़े
PFRDA चेयरमैन ने देश में पेंशन कवरेज बढ़ाने की जरूरत पर भी जोर दिया. उनके मुताबिक, भारत की वर्कफोर्स करीब 60 करोड़ लोगों की है, जबकि नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) और अटल पेंशन योजना (APY) को मिलाकर करीब 10 करोड़ सब्सक्राइबर हैं. यानी मोटे तौर पर हर छह कामगारों में से केवल एक ही इन दोनों पेंशन योजनाओं से जुड़ा है. NPS में करीब 1.5 करोड़ सरकारी और 1 करोड़ गैर-सरकारी सब्सक्राइबर हैं. PFRDA का मानना है कि देश में पेंशन से जुड़ने की संभावनाएं अभी बहुत ज्यादा हैं. रेगुलेटर को उम्मीद है कि NPS Tatkal जैसी डिजिटल सुविधाओं से अगले 2 से 3 साल में 4 से 5 करोड़ नए ग्राहक जुड़ सकते हैं. PFRDA चेयरमैन रमन ने कहा कि उनका लक्ष्य भारत को एक 'पेंशन सोसाइटी' बनाना है.