धर्मांतरण (Conversion) यानी किसी व्यक्ति का एक धर्म छोड़कर किसी अन्य धर्म को स्वीकार करना एक संवेदनशील और बहुपक्षीय विषय है. भारत जैसे बहुधार्मिक देश में यह मुद्दा सामाजिक, राजनीतिक और कानूनी चर्चाओं का केंद्र बना रहता है. धर्मांतरण न केवल व्यक्ति की धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़ा होता है, बल्कि इससे समुदायों के बीच आपसी संबंधों और सामाजिक संतुलन पर भी असर पड़ता है.
धर्मांतरण के कई कारण सकते हैं. जैसे कई लोग मानसिक शांति, आध्यात्मिक अनुभव या आस्था के कारण धर्म बदलते हैं. तो कई बार अंतर्धार्मिक विवाह के मामलों में अक्सर एक साथी दूसरे का धर्म स्वीकार करता है. भारत में दलित और वंचित वर्गों के कुछ लोग, जातिगत भेदभाव से बचने के लिए बौद्ध या ईसाई धर्म अपनाते हैं. कभी-कभी मिशनरी संस्थाएं शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से गरीब तबकों को आकर्षित करती हैं, जिससे धर्मांतरण होता है.
कुछ धर्मांतरण वैचारिक प्रेरणा या किसी आंदोलन का हिस्सा होते हैं, जैसे डॉ. भीमराव अंबेडकर का बौद्ध धर्म ग्रहण करना.
भारत में धर्मांतरण से संबंधित कोई केंद्रीय कानून नहीं है, लेकिन कुछ राज्यों ने "धर्म की स्वतंत्रता अधिनियम" लागू किया है, जिनमें उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, ओडिशा, गुजरात, और हिमाचल प्रदेश शामिल हैं. इन कानूनों का उद्देश्य जबरन, धोखे या लालच देकर कराए गए धर्मांतरण को रोकना है.
लखनऊ के KGMU में फिर हुआ धर्मांतरण रैकेट का भंडाफोड़. लखनऊ के KGMU से पुलिस ने एक फर्जी डॉक्टर को गिरफ्तार किया है. बारहवीं पास हस्साम अहमद नाम का ये शख्स खुद को डॉक्टर बताकर हिन्दू लड़कियों को निशाना बना रहा था. KGMU में पढ़ने वाली छात्राओं के अलावा दो अन्य मेडिकल कॉलेज की छात्राओं को भी फंसाने का आरोप है. पुलिस के मुताबिक हस्साम ने दिल्ली एम्स की कॉन्फ्रेंस में ले जाने के नाम पर लड़कियों को फर्जी लेटर दिये. Aiims की International conference में शामिल कराने के लिए 50 से ज्यादा लकड़ियों को फर्जी लेटर दिये. Cardio सेवा संस्थान ट्रस्ट बनाकर लड़कियों को मुस्लिम आबादी वाले कैंप में ले जाता था. KGMU की कमेटी ने जालसाज को पकड़ पुलिस के हवाले किया है.
महाराष्ट्र के नागपुर में NGO चलाने वाले रियाज काजी को धर्मांतरण और महिलाओं के उत्पीड़न के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. आरोपी समाज सेवा की आड़ में महिलाओं पर जबरन धर्म बदलने और इस्लामिक रीति-रिवाज मानने का दबाव बनाता था. यह मामला नासिक के चर्चित TCS केस जैसा ही है, जिसकी गहराई और विदेशी फंडिंग की जांच अब महाराष्ट्र ATS कर रही है.
नासिक के TCS बीपीओ में हिंदू लड़कियों के धर्मांतरण और यौन शोषण मामले की मुख्य आरोपी निदा खान ने 'प्रेगनेंसी' का हवाला देकर कोर्ट से जमानत मांगी है. इस पर पूर्व NCPCR अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने ट्वीट कर सवाल उठाए हैं.
नासिक के टीसीएस धर्मांतरण केस मेंनासिक पुलिस इस केस की फरार मुख्य आरोपी एच आर निदा खान की तलाश में छापे मार रही है. वहीं गुरुवार को पेशी के दौरान आरोपी शफी शेख ने बताया कि, नासिक सेंट्रल जेल में कैदियों ने उसकी जमकर पिटाई की. कोर्ट ने दोनों संदिग्धों को 18 अप्रैल तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है. इधर इस मामले में विरोध में बीजेपी ने आक्रोश रैली निकालकर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की.
नासिक में मल्टीनेशनल कंपनी टीसीएस की ब्रांच में जबरन धर्म परिवर्तन कराने के गंभीर आरोप लगे हैं. आरोप के मुताबिक, एच आर एग्जीक्यूटिव निदा खान ने मुस्लिम टीम लीडर्स के साथ मिलकर कई लोगों पर इस्लाम अपनाने के लिए दबाव बनाया...खुलासा हुआ है कि महिलाों को नमाज पढ़ने के लिये मजबूर किया गया. गोमांस खाने के लिये भी कहा गया. देखें विशेष.
नासिक में धर्म परिवर्तन और उत्पीड़न मामले में एक नाम लगातार जांच के केंद्र में बना हुआ है, वो HR एग्जीक्यूटिव निदा खान है. पहली FIR में आरोपी के तौर पर नाम सामने आने के बाद से ही वह फरार है. SIT उसकी तलाश में जुटी है. इस पूरे मामले में उसका रोल बेहद अहम माना जा रहा है.
देश की सर्वाेच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट ने अपने निर्णय से साफ कर दिया है कि धर्म बदलने के बाद कोई भी शख्स अनुसूचित जाति और जनजाति को मिलने वाली सुरक्षा और सुविधाओं के दायरे से बाहर हो जाएगा. और साथ ही उसके विशेषाधिकार समाप्त हो जाएंगे. देखें SC के इस आदेश से जुड़ी बड़ी बातें.
सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में Constitution (Scheduled Castes) Order, 1950 के क्लॉज-3 का जिक्र किया और कहा कि अनुसुचित जाति का दर्जा सिर्फ हिन्दू, बौद्ध और सिख धर्म को मानने वाले लोगों को ही मिल सकता है. अगर अनुसूचित जाति का कोई व्यक्ति धर्म बदलता है तो तुरंत उसका ये दर्जा समाप्त हो जाएगा.
उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र सरकार के धर्मांतरण विरोधी बिल को समर्थन दे दिया. यह फैसला अचानक नहीं आया. बल्कि पुरानी हिंदुत्व की राजनीति में वापसी के तौर पर देखा जा रहा है. पिछले पांच साल से वे एक सेकुलर गठबंधन का हिस्सा हैं. जिसे लेकर उनके विरोधी कहते हैं कि उन्होंने बाल ठाकरे की विचारधारा त्याग दी है और मुस्लिम-परस्त हो गए हैं.
महाराष्ट्र में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. बीजेपी विधायक अतुल भातखलकर ने विधानसभा में प्राइवेट बिल पेश कर उत्तराखंड की तर्ज पर राज्य में भी इसे लागू करने की मांग की है.
मिस इंडिया अर्थ 2019 की विनर सायली सुर्वे ने अपने पति आतिफ तासे पर जबरन धर्म परिवर्तन, मारपीट और गाली-गलौच के आरोप लगाए हैं. उन्होंने बताया कि उन्होंने परिवार के खिलाफ जाकर 2017 में आतिफ से लव मैरेज की थी और इस्लाम धर्म अपनाया था.
उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण से जुड़ी एक चौंका देने वाली घटना सामने आई है. एक व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि उसे 10 साल तक बंधक बनाकर रखा गया, जबरन धर्म परिवर्तन कराया गया और फर्जी आधार कार्ड बनवाया गया. पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.
लखनऊ में एक बार फिर नाम बदलकर हिंदू लड़कियों को निशाना बनाने का मामला सामने आया है. नौकरी का झांसा, प्यार का जाल, धर्मांतरण और ब्लैकमेलिंग का खेल. गोमती नगर थाने में दर्ज FIR ने चौंकाने वाले दावे किए हैं. कैफे की आड़ में चल रहे नेटवर्क को लेकर अब हलचल तेज हो गई है.
हम जिस जगह मौजूद हैं, वह पब्लिक लॉन्च है जहां अफर आता था और कई महिलाओं को लेकर आता था. इसी ठिकाने के कई वीडियो भी सामने आए हैं जो साफ दिखाते हैं कि इसी जगह अफर अपने गंदे काम करता था और महिलाओं को यहीं रोकता था. यहां से महज पचास मीटर की दूरी पर पुलिस चौकी भी मौजूद है.
देश के विभिन्न राज्यों में लागू धर्मांतरण विरोधी कानूनों की संवैधानिक वैधता पर अब सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला आएगा. शीर्ष अदालत ने इन कानूनों को चुनौती देने वाली सभी याचिकाओं को एक साथ जोड़ दिया है और मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे तीन जजों की विशेष बेंच को सौंपने का निर्णय लिया है.
लखनऊ के केजीएमयू महिला रेजीडेंट डॉक्टर धर्मांतरण मामले में गवाह शारिक खान को गिरफ्तार किया गया है. शारिक धर्मांतरण के बाद महिलाओं के नए नाम पर जाली दस्तावेज तैयार करवाता था. उसके मोबाइल से भी कई डिजिटल सबूत मिले हैं.
गुरुग्राम से लव मैरिज की आड़ में धोखे और दबाव की सनसनीखेज कहानी सामने आई है. आरोप है कि एक व्यक्ति ने पहचान छिपाकर महिला से शादी की, फिर उस पर धर्म बदलने का दबाव डालने लगा. मारपीट, धमकी और जबरन धर्म परिवर्तन के आरोपों में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है.
मिर्जापुर के धर्मांतरण केस में मुख्य आरोपी इमरान को दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया था. वो विदेश भागने की कोशिश में था. यूपी पुलिस उसे ट्रांजिट रिमांड पर मिर्जापुर लाई थी. रविवार को उसे स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.
मिर्जापुर के धर्मांतरण केस में बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. विदेश भागने की कोशिश कर रहा मुख्य आरोपी इमरान दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया गया. 25 हजार के इनामी इमरान को मिर्जापुर पुलिस ने ट्रांजिट रिमांड पर लिया है. जांच में सामने आया है कि यह रैकेट ब्लैकमेलिंग, फंडिंग और धर्मांतरण के बड़े नेटवर्क का हिस्सा है.
केजीएमयू में अवैध रूप से बनी मजारों को लेकर चर्चा और सवाल उठ रहे हैं. आरोप है कि इन मजारों का इस्तेमाल संदिग्ध मौलानाओं और रमीज मलिक जैसे आरोपितों के बीच बैठक और लव जिहाद जैसे मामलों के लिए किया जाता था. यह मजारें सरकारी जमीन पर बिना अनुमति के बनी हैं, जिससे सुरक्षा और अनुशासन को खतरा है. बीजेपी के नेताओं ने भी इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिकायत की है. इन मजारों की संख्या काफी है और यह आसानी से संदिग्ध लोगों को अस्पताल परिसर में आने-जाने का मौका देती हैं. मामले की जांच और उचित कार्रवाई की मांग जोर पकड़ रही है. प्रशासन से भी इस विषय पर स्पष्ट कदम उठाने की अपेक्षा की जा रही है.
मिर्जापुर में जिम की लड़कियों को ब्लैकमेल करने और धर्मांतरण का दबाव बनाने वाले आरोपी को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है. जिम मालिक/ट्रेनर फरीद के पैर में गोली लगी है. यह एनकाउंटर देहात कोतवाली क्षेत्र में हुआ.