scorecardresearch
 

चंदौली से वाराणसी निकला 308 पहियों वाला ट्रक, 164 टन वजनी रिएक्टर लेकर पहुंचेगा लखीमपुर चीनी मिल, जानें- रूट और टाइम

बेल्जियम से लखीमपुर खीरी जा रही बायो पॉलीमर प्लांट की विशालकाय मशीन लादे 308 पहियों वाला महाबली ट्रक चंदौली में चार दिनों तक रुका रहा. रास्ते में आ रही रुकावटों को दूर करने और वैकल्पिक मार्ग बनाने के बाद सोमवार दोपहर यह वाहन वाराणसी के लिए आगे रवाना हो सका.

Advertisement
X
बेल्जियम की मशीन लेकर चंदौली से वाराणसी रवाना हुआ ट्रक (Photo- ITG)
बेल्जियम की मशीन लेकर चंदौली से वाराणसी रवाना हुआ ट्रक (Photo- ITG)

बेल्जियम से ओडिशा के पारादीप बंदरगाह होते हुए उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी स्थित बलरामपुर चीनी मिल कुंभी जा रहा 308 पहियों वाला महाबली ट्रक विशाल बायो पॉलीमर प्लांट का रिएक्टर लेकर आगे बढ़ रहा है. 25 सितंबर शुक्रवार को चंदौली जिले के नौबतपुर बॉर्डर पहुंचने के बाद रास्ते में ऊंचाई और चौड़ाई से जुड़े अवरोधों व साफ रास्ता न मिलने के कारण वाहन रुक गया था. लॉजिस्टिक टीम ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर के पास नेशनल हाईवे 19 पर रिंग रोड के पास  वैकल्पिक रास्ता बनाकर और संबंधित विभागों से इजाजत लेकर सोमवार दोपहर इस विशाल वाहन को आगे वाराणसी के लिए सकुशल रवाना कर दिया.

बेल्जियम से पारादीप पोर्ट तक का लंबा समुद्री सफर

यह विशालकाय मशीन पिछले अप्रैल महीने में बेल्जियम से समुद्री रास्ते से रवाना हुई थी. लगभग एक महीने का लंबा सफर तय करने के बाद यह ओडिशा के पारादीप बंदरगाह पहुंची. इसके बाद तकरीबन दो महीने पहले इस मशीन को 308 पहियों वाले 'महाबली' ट्रक पर लादकर सड़क मार्ग से उत्तर प्रदेश के लखीमपुर के लिए रवाना किया गया था. 

झारखंड और बिहार के रास्ते उत्तर प्रदेश में प्रवेश

पारादीप पोर्ट से चला यह ट्रक झारखंड और बिहार से होकर पिछले शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में पहुंचा. रास्ते की जटिल परिस्थितियों और वाहन के विशाल आकार के कारण इसकी रफ्तार बेहद धीमी रही, जिससे यह चार दिनों में केवल 20 से 25 किलोमीटर की दूरी ही तय कर पाया. 

Advertisement

स्थानीय लोगों और कंटेंट क्रिएटर्स में दिखा भारी उत्साह

विशाल वाहन और उस पर लदी बड़ी मशीन को देखने के लिए स्थानीय लोगों के साथ-साथ दूर-दराज से भी भारी भीड़ जुट गई. मौके पर पहुंचे लोग और कंटेंट क्रिएटर्स महाबली ट्रक तथा मशीन के साथ कौतूहलवश सेल्फी लेते हुए दिखाई दिए. 

अगले दो से तीन हफ्तों में लखीमपुर पहुंचने की उम्मीद

मीडिया से बात करते हुए लॉजिस्टिक्स मैनेजर अनेक भारती ने बताया कि रास्ते में ऊंचाई और चौड़ाई की वजह से अवरोध आ रहे हैं. रिंग रोड पर वैकल्पिक रास्ता तैयार कर ट्रक को गाजीपुर, गोरखपुर और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के रास्ते आगे ले जाया जाएगा. उम्मीद है कि यह ट्रक अगले दो से तीन सप्ताह में अपने गंतव्य लखीमपुर पहुंच जाएगा. 

चंदौली पुलिस का बयान 

पुलिस के मुताबिक, लखीमपुर खीरी के ग्राम कुंभी में मैसर्स बलरामपुर चीनी मिल द्वारा बन रहे देश के पहले बायोप्लास्टिक प्लांट के लिए बेल्जियम से आई भारी-भरकम मशीन (लंबाई 41 मीटर, वजन 164.28 मी.टन) को लेकर जा रहे 308 पहियों वाले महाबली ट्रक को चंदौली यातायात पुलिस ने बेहद सुगम और सकुशल तरीके से जनपद चंदौली की सीमा से पार कराकर वाराणसी में सुरक्षित प्रवेश करा दिया. 

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement