महाराष्ट्र में जन्माष्टमी के अवसर पर मनाए जा रहे दही हांडी समारोह के दौरान शनिवार को एक बच्चे समेत दो लोगों की मौत हो गई, जबकि मुंबई और पड़ोसी ठाणे में मानव पिरामिड बनाते समय कम से कम 42 गोविंदा घायल हो गए.
अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि मुंबई में ईंटों का एक खंभा गिरने से सात साल के एक बच्चे की मौत हो गई, जबकि पुणे में एक महिला लोहे के ढांचे के नीचे दबकर जान गंवा बैठी. इसके अलावा उत्सव के दौरान मानव पिरामिड बनाते समय मुंबई में कम से कम 32 और पड़ोसी ठाणे में 10 ‘गोविंदा’ घायल हुए हैं.
खंभा गिरने से मासूम की मौत
अधिकारियों ने बताया कि मुंबई के मालवणी स्थित चिकूवाड़ी की एकता वेलफेयर सोसाइटी में दोपहर करीब 3 बजे ये हादसा हुआ. वहां बच्चे खुद दही हांडी का आयोजन कर रहे थे. बच्चों ने हांडी की रस्सी का एक सिरा पेड़ से और दूसरा सिरा भूतल के ईंट के खंभे से बांधा था. हांडी फोड़ने की कोशिश में खंभा अचानक ढह गया और सात वर्षीय रुद्र कदम के सिर पर जा गिरा. घटना के बाद मौके पर मौजूद लोग रुद्र को मालवणी जनरल अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
लोहे का फ्रेम गिरने से महिला की मौत
इसी तरह पुणे के पिंपरी चिंचवाड़ स्थित पुराने सांगवी इलाके में शुक्रवार रात विघ्नहर्ता मंडल के दही हांडी कार्यक्रम के बाद हादसा हुआ. लाउडस्पीकर लगाने के लिए बनाए गए अस्थायी लोहे के ढांचे को हटाते वक्त उसका भारी हिस्सा सलमा सलाउद्दीन पठान पर गिर पड़ा. सिर में गंभीर चोट लगने के कारण अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. महिला का बेटा आयोजन मंडल का पदाधिकारी था, इसलिए परिजनों ने शिकायत दर्ज कराने से इनकार कर दिया.
पुणे में डीजे विवाद
पुणे में स्थानीय कार्यकर्ता विद्यानंद बापट द्वारा त्योहारों के दौरान तेज आवाज वाले 'डीजे' और साउंड सिस्टम के इस्तेमाल पर छिड़ी तीखी बहस के बीच ये मौत हुई है. पुलिस ने आकस्मिक मौत का मामला दर्ज कर ढांचे के गिरने की जांच शुरू कर दी है. दूसरी तरफ राज्य भर में कृष्ण जन्माष्टमी के पर्व पर भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में हवा में लटकी मटकियां फोड़ने के लिए गोविंदाओं की टोलियां बहुमंजिला मानव पिरामिड बनाती नजर आईं.
मुंबई में 32 गोविंदा घायल
मुंबई के विभिन्न हिस्सों में दोपहर 3 बजे तक 32 गोविंदा घायल हुए, जिनमें से 28 को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई और 4 का इलाज चल रहा है. इनमें से 29 घायलों को द्वीप शहर क्षेत्र के अस्पतालों में लाया गया. बीएमसी ने घायल गोविंदाओं के लिए 100 से अधिक बिस्तर तैयार रखे थे. सायन के लोकमान्य तिलक, परेल के केईएम और नायर अस्पताल सहित 16 उपनगरीय अस्पतालों में तीन पालियों में स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती की गई है.
पड़ोसी जिले ठाणे में 10 गोविंदाओं को अस्पतालों में भर्ती कराया गया. चार गोविंदाओं का इलाज नगर निगम द्वारा संचालित छत्रपति शिवाजी महाराज अस्पताल में पीठ, गर्दन और सिर की चोटों के लिए किया गया.
वहीं, छह अन्य को फ्रैक्चर और अन्य गंभीर शारीरिक चोटों के कारण जिला सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया. मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में राजनेताओं द्वारा आयोजित दही हांडी कार्यक्रमों में भारी पुरस्कार और मशहूर हस्तियों की मौजूदगी आकर्षण का केंद्र बनी रही.