पुणे के कारोबारी केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच अब निर्णायक दौर में पहुंचती नजर आ रही है. मामले में गिरफ्तार सिया गोयल और चेतन चौधरी की पुलिस हिरासत अदालत ने 3 जुलाई तक बढ़ा दी है. इसी बीच पुलिस ने बुधवार को आरोपी चेतन चौधरी को लोहागढ़ किले पर ले जाकर घटनास्थल का क्राइम सीन रिक्रिएशन कराया. जांच एजेंसियों का मानना है कि इस प्रक्रिया से हत्या की गुत्थी सुलझाने में अहम सुराग मिल सकते हैं.
चेतन ने पूरी घटना को दोहराया
जानकारी के मुताबिक, सुबह करीब आठ बजे पुलिस टीम चेतन चौधरी को कड़ी सुरक्षा के बीच लोहागढ़ किले पर लेकर पहुंची. वहां करीब ढाई घंटे तक घटनाक्रम को उसी क्रम में दोहराया गया, जैसा पुलिस जांच में अब तक सामने आया है. रिक्रिएशन सुबह लगभग 10:30 बजे तक चला, जिसके बाद आरोपी को वापस लोणावला ग्रामीण पुलिस थाने ले जाया गया.
इस दौरान पुलिस अपने साथ केतन अग्रवाल के वजन के बराबर का एक डमी (पुतला) भी लेकर गई थी. अधिकारियों ने आरोपी से पूरी घटना को दोहराने को कहा. जांच के दौरान चेतन ने उस पुतले को लगभग 300 से 400 फीट गहरी खाई में धक्का दिया.
धक्का सिया ने दिया या चेतन ने
जांच का सबसे अहम सवाल अब भी यही है कि केतन को अंतिम धक्का किसने दिया था. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि खाई में गिराने में मुख्य भूमिका सिया गोयल की थी या चेतन चौधरी की. इसी वजह से दोनों आरोपियों के अलग-अलग क्राइम सीन रिक्रिएशन कराए जा रहे हैं. इससे पहले पुलिस सिया गोयल को भी घटनास्थल पर ले जाकर घटनाक्रम दोहरा चुकी है.
सूत्रों के अनुसार, रिक्रिएशन के दौरान उस स्थिति को भी दोहराया गया, जिसमें केतन और सिया आगे चल रहे थे, जबकि चेतन कुछ दूरी बनाकर उनके पीछे था. पुलिस अब दोनों आरोपियों के बयानों, घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और रिक्रिएशन के दौरान सामने आए तथ्यों का मिलान कर रही है.
सीन रिक्रएशन से साफ होगा बहुत कुछ
जांच अधिकारियों का मानना है कि क्राइम सीन रिक्रिएशन से हत्या की पूरी कड़ी स्पष्ट हो सकती है. यदि आरोपियों के बयान और घटनास्थल की परिस्थितियां मेल नहीं खातीं, तो यह जांच में एक महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित हो सकता है. फिलहाल पुलिस सभी तकनीकी और फोरेंसिक पहलुओं की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है.