26 वर्षीय बिजनेसमैन केतन अग्रवाल हत्याकांड मामले में पुलिस ने एक बार फिर घटनास्थल पर पहुंचकर क्राइम रिक्रिएशन किया. इस बार आरोपी चेतन चौधरी को लोहागढ़ किले पर ले जाया गया, जहां पूरी घटना को दोहराया गया. रिक्रिएशन के दौरान पुलिस ने केतन के वजन के बराबर एक डमी (पुतला) का इस्तेमाल किया. इस डमी को उसी स्थान से नीचे फेंका गया, जहां से कथित तौर पर केतन को धक्का दिया गया था. यह पूरा घटनाक्रम जांच के हिस्से के रूप में दोहराया गया.
इससे पहले इस मामले में मुख्य आरोपी सिया गोयल का भी क्राइम रिक्रिएशन कराया गया था. उस दौरान भी उसे उसी तरह डमी को धक्का देने की प्रक्रिया दिखाई गई थी, जैसा आरोप है कि घटना के समय हुआ था. पुलिस जांच के दौरान लोहगढ़ किले की तलहटी में वही डमी भी मिली, जिसे पहले क्राइम रिक्रिएशन में इस्तेमाल किया गया था. करीब 350 से 400 फीट गहरी खाई में फेंके जाने के कारण डमी पूरी तरह क्षतिग्रस्त और टूटी हुई अवस्था में पाई गई.
इस हाई-प्रोफाइल मर्डर मिस्ट्री को सुलझाने के लिए पुलिस अब हाईटेक फॉरेंसिक तकनीकों का सहारा ले रही है. जांच में घटनाओं की कड़ी जोड़कर पूरे मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है. जांच में सामने आया है कि सिया लगातार केतन को 3,300 फीट ऊंचे लोहगढ़ किले पर चलने के लिए मजबूर कर रही थी. 31 मई को दोनों पहली बार किले पर गए थे.
4 जून और 14 जून की घटनाएं
बता दें, 4 जून को सिया ने दोबारा किले पर जाने की जिद की थी, लेकिन केतन की मां ने मना कर दिया था. 14 जून को दोनों फिर किले पर गए. आरोप है कि वहां सिया ने केतन को खाई में धक्का देने की कोशिश की थी, लेकिन केतन ने झाड़ी पकड़कर अपनी जान बचाई थी.
झूठ और 18 जून की घटना
बताया जाता है कि जब केतन ने सिया से सवाल किया, तो उसने झूठ बोलते हुए कहा था कि वहां सांप था और वह उसे बचा रही थी. इसके बाद 18 जून को सिया और चेतन चौधरी ने मिलकर केतन को किले से नीचे धक्का देने में सफलता मिली. सिया और चेतन पुलिस की हिरासत में हैं. पुलिस इस केस को सुलझाने के लिए हर तरह से कोशिश में जुटी है.