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कब खत्म होगा Toll Tax? सरकार ने संसद में दिया जवाब

नेशनल हाईवे पर सफर करते हुए कई बार आपने टोल टैक्स दिया होगा या साथ वालों को ये टैक्स देते हुए देखा होगा. ऐसे में सवाल आता है कि क्या कभी ऐसा दिन आएगा, जब देश के टोल प्लाजा खत्म हो जाएंगे? इस सवाल पर केंद्र सरकार ने संसद में स्थिति स्पष्ट की है. सरकार ने बताया है कि देशभर में नेशनल हाईवे पर लगने वाला टोल टैक्स खत्म होगा या नहीं.

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सरकार ने संसद में बताया है कि टोल टैक्स को लेकर उनकी क्या स्थिति है. (File Photo)
सरकार ने संसद में बताया है कि टोल टैक्स को लेकर उनकी क्या स्थिति है. (File Photo)

टोल टैक्स कब खत्म होगा? ये सवाल अक्सर लोग पूछते हैं. अगर आपके मन में भी ये सवाल आया है, तो सरकार ने अब इस पर जवाब दिया है. गुरुवार को सरकार ने सदन में इस सवाल पर कहा कि फिलहाल नेशनल हाईवे से टोल टैक्स हटाने या टोल प्लाजा खत्म करने का कोई प्रस्ताव नहीं आया है.

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने कहा है कि ना सिर्फ PPP प्रोजेक्ट में कन्सेशन अवधि तक कंपनी टोल वसूलेगी. बल्कि उसके बाद सरकार के पास आने पर भी नियमों के तहत टोल जारी रहेगा. साथ ही सरकारी फंड से बने नेशनल हाईवे पर भी टोल वसूली जारी रहेगी. 

क्या है सरकार की योजना?

सरकार का कहना है कि टोल से मिलने वाला पैसा हाईवे के रखरखाव, विकास और विस्तार पर खर्च किया जाता है. गुरुवार को जब सदन में सवाल पूछा गया था कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल वसूली कब तक जारी रहेगी? सरकार ने स्पष्ट किया है कि नेशनल हाईवे पर टोल टैक्स की वसूली बंद करने का कोई प्रस्ताव नहीं है. 

सरकार के मुताबिक, मोटर वाहन कर (व्हीकल टैक्स) और टोल शुल्क दोनों अलग-अलग प्रकृति के शुल्क हैं. वाहन कर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा संविधान के प्रावधानों के अनुसार लगाया जाता है, जबकि वाहन पंजीकरण शुल्क केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के तहत निर्धारित किया जाता है. 

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इसके विपरीत, टोल टैक्स राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा करने वाले यूजर्स से सड़क के इस्तेमाल के बदले ली जाने वाली यूजर फीस है. सरकार का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क (दर निर्धारण एवं संग्रह) नियम, 2008 के तहत टोल वसूली की व्यवस्था की गई है.

टोल टैक्स वसूलती रहेगी सरकार 

जिन राजमार्गों का निर्माण निजी कंपनियों द्वारा रियायत (कन्सेशन) समझौते के तहत किया जाता है. वहां निर्धारित अवधि तक संबंधित कंपनी टोल वसूलती है. रियायत अवधि समाप्त होने के बाद टोल प्लाजा सरकार या अधिकृत एजेंसी को सौंप दिया जाता है, जो आगे भी नियमों के अनुसार टोल वसूलती है. 

वहीं सार्वजनिक धन से निर्मित राजमार्गों पर भी टोल कलेक्शन जारी रहता है. सरकार ने बताया कि टोल से प्राप्त राजस्व भारत की संचित निधि में जमा किया जाता है. इसके बाद बजट आवंटन के माध्यम से इसका इस्तेमाल राष्ट्रीय राजमार्गों के रखरखाव, मरम्मत, चौड़ीकरण, विकास और नई परियोजनाओं में किया जाता है. 

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इससे देशभर में बेहतर, सुरक्षित और आधुनिक सड़क अवसंरचना विकसित करने में सहायता मिलती है. सरकार का मानना है कि टोल व्यवस्था राष्ट्रीय राजमार्गों के सतत विकास और रखरखाव के लिए आवश्यक वित्तीय स्रोत है. इसलिए वर्तमान नियमों के अनुसार देशभर में टोल प्लाजा संचालित होते रहेंगे और टोल शुल्क की वसूली जारी रहेगी.

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