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सीने तक था पानी, प्लास्टिक के टब में बचाई 1 महीने के मासूम की जान, जलगांव में फायर फाइटर्स का जांबाज रेस्क्यू

बाढ़ के बीच सीने तक भरे पानी में एक महीने का मासूम और उसका परिवार फंस गया था. मौत के इस खौफनाक मंजर के बीच नगर निगम के फायर और हेल्थ वर्कर्स देवदूत बनकर पहुंचे. जांबाजों ने इंसानी चेन बनाई और 1 महीने के बच्चे को प्लास्टिक के टब में सुरक्षित रखकर बाहर निकाला.

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देवदूत बनकर पहुंचे हेल्थ और फायर वर्कर्स.(Photo:ITG)
देवदूत बनकर पहुंचे हेल्थ और फायर वर्कर्स.(Photo:ITG)

Maharashtra News: जलगांव जिले के अमलनेर शहर से इंसानियत और बहादुरी की एक ऐसी मिसाल सामने आई है, जिसने हर किसी का दिल जीत लिया है. शहर में आई भीषण बाढ़ के कारण भालेराव नगर स्थित गुरुकृपा कॉलोनी में पानी का विकराल रूप देखने को मिला. यहां एक घर में 1 महीने के मासूम बच्चे के साथ फंसा परिवार अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष कर रहा था.

ऐन वक्त पर अमलनेर नगर परिषद के बहादुर फायर ब्रिगेड और हेल्थ वर्कर्स देवदूत बनकर पहुंचे और अपनी जान जोखिम में डालकर 1 महीने के मासूम समेत पूरे परिवार को सुरक्षित बाहर निकाल लिया.

गुरुकृपा कॉलोनी में बाढ़ का पानी इतनी तेजी से घुसा कि देखते ही देखते लोगों के सीने तक जलभराव हो गया. घर के अंदर एक महीने का बच्चा, उसकी मां, तीन छोटे बच्चे और परिवार के अन्य सदस्य फंस गए थे. बाहर निकलने का कोई रास्ता न होने के कारण पूरा परिवार बिस्तर पर ऊंची जगह पर खड़ा होकर खुद को बचाने की गुहार लगा रहा था.

घटना की जानकारी मिलते ही म्युनिसिपल चीफ ऑफिसर गणेश शिंदे ने तुरंत एक रेस्क्यू टीम मौके पर रवाना की: हेल्थ इंस्पेक्टर किरण कंडारे, गोल्डी बिरहाड़े, फायर स्टाफ फारूक शेख, दिनेश बिरहाड़े, भीका संदनशिव और पवन बिरहाड़े तुरंत मौके पर पहुंचे. पानी का तेज बहाव इतना खतरनाक था कि शुरुआत में टीम पीड़ितों तक नहीं पहुंच सकी. 

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रस्सी और टब से निकाला रास्ता
आखिरकार रस्सियों के सुरक्षा जैकेट मंगवाए गए और कर्मचारियों ने एक-दूसरे का हाथ पकड़कर 'ह्यूमन चेन' (मानव श्रृंखला) बनाई. कड़ी मशक्कत के बाद लगभग 2 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद टीम पीड़ित परिवार तक पहुंचने में सफल रही. देखें VIDEO:- 

स्टिक के टब में आइसोलेट कर सुरक्षित निकाला मासूम
1 महीने के मासूम बच्चे को पानी के संपर्क और ठंड से बचाने के लिए कर्मचारियों ने एक प्लास्टिक के टब का इस्तेमाल किया. मासूम को टब में सुरक्षित रखकर सीने तक भरे पानी के बीच से बाहर निकाला गया. इसके बाद बच्चे की मां, तीन महिलाओं, तीन छोटे बच्चों, अन्य सदस्यों और एक युवक को पास की ही इमारत की तीसरी मंजिल पर सुरक्षित पहुंचाया गया. कर्मचारियों की इस तत्परता, सूझबूझ और जांबाजी की पूरे शहर और सोशल मीडिया पर जमकर तारीफ हो रही है.

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