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दिल्ली की महारैली में महाराष्ट्र से जुटेंगे कांग्रेस के 5 हजार से ज्यादा नेता-कार्यकर्ता

दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को होने वाली INDIA गठबंधन की महारैली में महाराष्ट्र से कांग्रेस के 5 हजार से अधिक नेता और कार्यकर्ता शामिल होंगे. 'वोट बचाओ, देश बचाओ' के नारे के साथ होने वाली इस रैली में राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी दल चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता, मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और मतदान के अधिकार का मुद्दा उठाएंगे. महाराष्ट्र कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं.

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महाराष्ट्र कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि देश में चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से नहीं हो रहे हैं. (File Photo- Social Media)
महाराष्ट्र कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि देश में चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से नहीं हो रहे हैं. (File Photo- Social Media)

दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर 2026 को होने वाली INDIA गठबंधन की महारैली में महाराष्ट्र से कांग्रेस के 5 हजार से अधिक नेता और कार्यकर्ता शामिल होंगे. 'वोट बचाओ, देश बचाओ' के नारे के साथ आयोजित इस रैली में विपक्षी दल चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता, मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और नागरिकों के मतदान के अधिकार का मुद्दा उठाएंगे.

महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुताबिक, रैली में राज्य के वरिष्ठ नेताओं के साथ सांसद, विधायक, पूर्व मंत्री, पूर्व सांसद, पूर्व विधायक और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी शामिल होंगे. इसके अलावा जिला और ब्लॉक स्तर के पदाधिकारी, महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, सेवादल और पार्टी के दूसरे विभागों के कार्यकर्ता भी दिल्ली पहुंचेंगे. महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों से कार्यकर्ताओं को जुटाने के लिए पार्टी स्तर पर तैयारियां की गई हैं.

कांग्रेस का कहना है कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की पहल पर INDIA गठबंधन ने लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज किया है. पार्टी के मुताबिक, यह लड़ाई सिर्फ संसद तक सीमित नहीं है, बल्कि जनता के बीच और सड़कों पर भी जारी है. रामलीला मैदान की महारैली इसी आंदोलन का हिस्सा है.

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मतदाता सूची में गड़बड़ी का मुद्दा उठाएगी कांग्रेस

महाराष्ट्र कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि देश में चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से नहीं हो रहे हैं. पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं. कांग्रेस का आरोप है कि मुख्य चुनाव आयुक्त केंद्र की भाजपा सरकार के प्रभाव में काम कर रहे हैं.

कांग्रेस ने एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से कथित तौर पर करीब 13 करोड़ नाम हटाए जाने का दावा भी किया है. पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची में नाम होना और मतदान का अधिकार हर पात्र नागरिक का लोकतांत्रिक अधिकार है. ऐसे में नामों की कथित कटौती से लोगों के वोट देने के अधिकार पर असर पड़ सकता है.

चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठाएगी सवाल

कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा सरकार चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था का इस्तेमाल कर नागरिकों के मतदान के अधिकार को प्रभावित कर रही है. पार्टी चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता, मतदाता सूची में किसी भी अनुचित कटौती को रोकने और चुनाव आयोग की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने की मांग करेगी.

1 नवंबर को होने वाली इस महारैली में INDIA गठबंधन के नेता और कार्यकर्ता इन मुद्दों पर अपनी बात रखेंगे. महाराष्ट्र कांग्रेस के मुताबिक, राज्य से 5 हजार से अधिक लोगों की भागीदारी के जरिए पार्टी इस आंदोलन में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराएगी. पार्टी ने कहा है कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए उसका संघर्ष संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह जारी रहेगा.

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