scorecardresearch
 

'छात्राओं के देश में बलात्कार समर्थकों को कमान क्यों?', नए शिक्षा मंत्री पर CJP प्रमुख अभिजीत दिपके के तीखे सवाल

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने नए शिक्षा मंत्री की नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए कहा कि इससे छात्रों, खासकर छात्राओं के बीच गलत संदेश जाएगा. उन्होंने दावा किया कि सरकार को शिक्षा मंत्रालय में साफ छवि वाले लोगों की नियुक्ति करनी चाहिए.

Advertisement
X
अभिजीत दिपके ने कहा कि शिक्षा मंत्रालय में साफ छवि वाले लोगों की जरूरत (Photo: ITG)
अभिजीत दिपके ने कहा कि शिक्षा मंत्रालय में साफ छवि वाले लोगों की जरूरत (Photo: ITG)

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी की नियुक्ति को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है. आजतक को दिए इंटरव्यू में दिपके ने कहा कि सरकार ने जिस व्यक्ति को नया शिक्षा मंत्री बनाया है, वह बिल्किस बानो मामले के दोषियों के स्वागत का समर्थन कर चुका है. इससे जुड़ा उनका एक वीडियो भी वायरल हो चुका है, जिसमें वे दोषियों का स्वागत करते नजर आते हैं.

दिपके ने कहा कि यह मुद्दा जब कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने संसद में उठाया, तो हंगामा हुआ. उन्होंने कहा कि जो बच्चे स्कूल और कॉलेज में पढ़ रहे हैं, उन्हें इस नियुक्ति से गलत संदेश जा रहा है. उन्होंने सवाल उठाया कि एक बलात्कार के आरोपियों के समर्थक को शिक्षा मंत्री बनाना किस तरह उचित ठहराया जा सकता है.

दिपके ने कहा कि नीट सहित लगभग हर प्रतियोगी परीक्षा में सबसे आगे रहने वाली छात्राएं होती हैं. ऐसे में एक बलात्कार समर्थक को शिक्षा मंत्री बनाए जाने से उन छात्राओं पर क्या असर पड़ेगा, यह सोचने वाली बात है. उन्होंने कहा कि यह सिर्फ भारत के लिए नहीं, बल्कि दुनिया में देश की छवि के लिए भी शर्मनाक है.

यह भी पढ़ें: Exclusive: 'कोई राजनीतिक पार्टी जॉइन नहीं करेंगे, बनाएंगे रिस्पॉन्स ग्रुप', CJP संस्थापक अभिजीत दिपके ने भविष्य की रणनीति का किया खुलासा

Advertisement

उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के साथ ही शिक्षा मंत्रालय के दोनों वरिष्ठ सचिवों को भी बदला गया है. नए सचिव पर पहले भी भ्रष्टाचार के आरोप लग चुके हैं. दिपके ने कहा कि एक अधिकारी को हटाकर दूसरे को जिम्मेदारी सौंपना केवल दिखावटी बदलाव है.

दिपके ने कहा कि उनकी पार्टी बीजेपी विरोधी नहीं है और सरकार के अच्छे कदमों का समर्थन भी करती है, लेकिन इस नियुक्ति को वे किसी भी सूरत में सही नहीं मानते. उन्होंने कहा कि उनके आंदोलन का मकसद छात्रों के हितों की रक्षा करना है, न कि किसी राजनीतिक दल का विरोध करना.

दिपके ने यह भी कहा कि छात्रों के आंदोलन को कमजोर करने के लिए सरकार पर दबाव डालना जरूरी है, ताकि शिक्षा मंत्रालय में जिम्मेदार और साफ छवि वाले लोगों की नियुक्ति हो. उन्होंने कहा कि जब तक यह मुद्दा हल नहीं होता, वे इसे लगातार उठाते रहेंगे.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement