प्रह्लाद वेंकटेश जोशी (Pralhad Joshi) भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और कर्नाटक के धारवाड़ लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं. 25 जुलाई 2026 को केंद्र सरकार ने धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार करने के बाद प्रह्लाद वेंकटेश जोशी को केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है. राष्ट्रपति भवन की अधिसूचना के अनुसार, वे अपने मौजूदा मंत्रालयों की जिम्मेदारियों के साथ अब शिक्षा मंत्रालय का कार्यभार भी संभालेंगे. इससे देश की शिक्षा व्यवस्था से जुड़े प्रशासनिक फैसलों की जिम्मेदारी भी उनके पास आ गई है.
वे लंबे समय से राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय हैं और कई बार लोकसभा के लिए चुने जा चुके हैं. वर्ष 2004 में उन्होंने पहली बार धारवाड़ से चुनाव जीता था. इसके बाद 2009, 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में भी उन्होंने इसी सीट से जीत दर्ज की.
प्रह्लाद जोशी ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत कर्नाटक में स्थानीय स्तर पर काम करते हुए की. 1990 के दशक की शुरुआत में हुबली के ईदगाह मैदान से जुड़े आंदोलनों के दौरान उनका नाम प्रमुखता से सामने आया. इसके बाद वे राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा की राजनीति में सक्रिय रहे.
वर्ष 2012 से 2016 तक उन्होंने भाजपा की कर्नाटक इकाई के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में कार्य किया. इस दौरान वे राज्य में पार्टी के संगठनात्मक कामकाज से जुड़े रहे. केंद्र सरकार में भी वे विभिन्न मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं और लंबे समय से केंद्रीय मंत्रिमंडल का हिस्सा हैं.
जोशी पहली बार आरएसएस (RSS) के साथ सार्वजनिक रूप से 1992-1994 के दौरान हुबली के ईदगाह मैदान में तिरंगा झंडा फहराने के लिए आयोजित आंदोलन के दौरान सामने आए. सुप्रीम कोर्ट ने हुबली-धारवाड़ नगर निगम को उक्त मैदान के स्वामित्व को बहाल करने के कर्नाटक उच्च न्यायालय के आदेश को बरकरार रखा है.
प्रह्लाद जोशी का जन्म 27 नवंबर 1962 (Pralhad Joshi Date of Birth) को कर्नाटक के विजयपुर में मालतीबाई और वेंकटेश जोशी के घर हुआ (Pralhad Joshi Parents). उन्होंने हुबली और कर्नाटक विश्वविद्यालय के के.एस. आर्ट्स कॉलेज, धारवाड़ से बीए स्नातक की डिग्री ली है (Pralhad Joshi Education. उन्होंने 26 नवंबर 1992 को ज्योति जोशी (Pralhad Joshi Wife) से शादी की और उनकी तीन बेटियां हैं.
उनका ऑफिशियल ट्विटर हैंडल @JoshiPralhad है. उनके फेसबुक पेज का नाम Pralhad Joshi है. वे इंस्टाग्राम पर pralhadvjoshi यूजरनेम से एक्टिव हैं.
कर्नाटक के मंत्री बी नागेंद्र ने इस्तीफे की पेशकश कर दी है. सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है, नागेंद्र का कहना है कि वे नहीं चाहते कि पार्टी शर्मिंदा हो इसलिए वे पद छोड़ने के लिए तैयार हैं.
चीनी की कीमतों में तेज बढ़ोतरी से उपभोक्ताओं और किसानों की चिंता बढ़ी है. सरकार के अनुसार, कम घरेलू उत्पादन, त्योहारी सीजन में बढ़ती मांग, मौसम से फसल को नुकसान, वैश्विक आपूर्ति में कमी और जमाखोरी इसके प्रमुख कारण हैं.
Onion Sugar Price Hike, एक ओर जहां त्योहारी सीजन से पहले चीनी लगातार महंगी (Sugar Price Hike) हो रही है और इसे लेकर राजनीतिक घमासान भी देखने को मिल रहा है. तो वहीं दूसरी ओर प्याज भी चीनी की चाल चलती नजर आ रही है और लोगों के आंसू निकाल रही है.
Modi Govt On Sugar Price Hike: चीनी की बेलगाम कीमतों को लेकर मचे राजनीतिक घमासान पर सरकार का बड़ा बयान आया है. मोदी सरकार में मंत्री प्रह्लाद जोशी ने Sugar Price Hike के पीछे के दो बड़े कारण बताए हैं.
NTA ने कहा है कि परीक्षा प्रश्नपत्रों की जांच और क्वालिटी को अपग्रेड करने के लिए अब चार-स्तरीय प्रश्नपत्र जांच सिस्टम लागू किया जाएगा. इस सिस्टम का उद्देश्य परीक्षा प्रश्न पत्रों की जांच को अधिक प्रभावी बनाना और किसी भी तरह की गलती की आशंका को कम करना है.
UGC-NET के तीन विषयों की परीक्षा रद्द होने के बाद यह बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हुआ है. मंत्रालय ने परीक्षा तंत्र का गहन ऑडिट कर सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं. यह कदम परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए उठाए गए हैं.
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने नए शिक्षा मंत्री की नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए कहा कि इससे छात्रों, खासकर छात्राओं के बीच गलत संदेश जाएगा. उन्होंने दावा किया कि सरकार को शिक्षा मंत्रालय में साफ छवि वाले लोगों की नियुक्ति करनी चाहिए.
योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा कि अगर शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने RSS से राष्ट्रवाद सीखा है तो इससे किसी के पेट में दर्द नहीं होना चाहिए. उन्होंने कहा कि कोई भी वाद नहीं होना चाहिए, ब्राह्मणों को भी गाली देना गलत है.
बिलकिस बानो मामले में दोषियों की रिहाई को लेकर दिए गए पुराने बयान की वजह से शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी विपक्ष के निशाने पर आ गए हैं. कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री मोदी पर तीखा हमला बोला है. राहुल गांधी ने जोशी को 'बलात्कारियों का रक्षक' करार दिया है.
Dharmendra Pradhan के इस्तीफा देने के बाद शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी प्रह्लाद जोशी को सौंपी गई है, जो कर्नाटक के धारवाड़ से सांसद हैं. नए और पुराने दोनों दी शिक्षा मंत्री करोड़ों की संपत्ति के मालिक हैं.
छात्रों के भारी जनाक्रोश के बीच शिक्षा मंत्रालय में बड़ा फेरबदल हुआ है. प्रह्लाद जोशी ने ऐसे समय में शिक्षा मंत्री का पदभार संभाला है, जब NTA की साख, एंटी-पेपर लीक कानून और राज्य सरकारों का विरोध सबसे बड़ी चुनौती बने हुए हैं. क्या चेहरे बदलने से नीयत और नीतियां बदलेंगी? पढ़िए शिक्षा मंत्रालय की मेज पर रखी 5 सबसे अहम फाइलों का पूरा सच!
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार संभाल लिया है. कार्यभार ग्रहण करते ही उन्होंने अधिकारियों के साथ पहली समीक्षा बैठक की. अब शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता बढ़ाने और छात्रों का भरोसा मजबूत करने जैसी कई अहम जिम्मेदारियां उनके सामने होंगी.
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सरकारी सूत्रों के हवाले से कई अहम जानकारियां सामने आई हैं. दावा किया जा रहा है कि उन्होंने पहले भी पद छोड़ने की इच्छा जताई थी, लेकिन उस समय इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया. बाद में छात्र आंदोलन, कानून-व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा के बाद सरकार ने फैसला लिया और इस्तीफा स्वीकार कर लिया.
NEET पेपर लीक विवाद के बीच धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। कर्नाटक के वरिष्ठ बीजेपी नेता जोशी पहले से केंद्र में मंत्री हैं और अब अपने मौजूदा मंत्रालयों के साथ शिक्षा मंत्रालय भी संभालेंगे।
केंद्र सरकार और CJP की वार्ता सफल होने के बाद कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में प्रेस कॉन्फ्रेंस खत्म हुई। माहौल हल्का करते हुए जेपी नड्डा ने CJP प्रवक्ता से हाथ मिलाने को कहा। दोनों पक्षों ने मुस्कुराते हुए हाथ मिलाया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
शिक्षा मंत्री बनने के बाद प्रह्लाद जोशी का पहला बयान सामने आया है. उन्होनें कहा कि वो जिमेमेदारी को अच्छे से निभाएंगे, साथ ही उन्होनें पीएम मोदी का धन्यवाद भी किया. साथ ही कहा कि वो पीएम मोदी के उम्मीदों पर खरा उतरेंगे.
Dharmendra Pradhan के इस्तीफा देने के बाद शिक्षा मंत्रालय का प्रभार प्रह्लाद जोशी को सौंपा गया है. ये कर्नाटक के धारवाड़ से सांसद हैं और इनकी गिनती भी अमीर राजनेताओं में होती है.
केंद्र सरकार और CJP की वार्ता सफल होने के बाद कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में प्रेस कॉन्फ्रेंस खत्म हुई। माहौल हल्का करते हुए जेपी नड्डा ने CJP प्रवक्ता से हाथ मिलाने को कहा। दोनों पक्षों ने मुस्कुराते हुए हाथ मिलाया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
धर्मेंद्र प्रधान के पद छोड़ने के बाद शिक्षा मंत्री की कमान प्रह्लाद जोशी को सौंप दी गई है. राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री की सलाह पर उन्हें मौजूदा मंत्रालय के साथ शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार देने को मंजूरी दी है. आर्ट्स ग्रेजुएट (बीए) की डिग्री रखने वाले और पांच बार सांसद रह चुके प्रह्लाद जोशी अब भारत की शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मंत्रालय का नेतृत्व कर रहे हैं.
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा के बाद प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है. प्रह्लाद जोशी फिलहाल मोदी सरकार में खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण, ऊर्जा और उपभोक्ता मामलों के मंत्री हैं. सोमवार को लोकसभा में पेपर लीक के खिलाफ बिल पेश हो सकता है. देखें वीडियो.
धर्मेंद्र प्रधान के पद छोड़ने के बाद शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी प्रह्लाद जोशी को सौंप दी गई है. राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री की सलाह पर उन्हें मौजूदा मंत्रालय के साथ शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार देने को मंजूरी दी है.