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आंखों पर पट्टी, सामने मिट्टी... और बन गए गणपति बप्पा! अकोला के शरद कोकाटे ने बिना देखे कर दिखाया कमाल

महाराष्ट्र के अकोला में एक पर्यावरण प्रेमी ने गणपति बप्पा की प्रतिमा बनाने का ऐसा अनोखा तरीका अपनाया, जिसे देखकर लोग हैरान रह गए. आंखों पर पट्टी बांधी, सामने मिट्टी रखी और फिर अपने हाथों के हुनर से बिना देखे ही गणपति बप्पा की प्रतिमा तैयार कर दी. यह अनोखा काम पर्यावरण प्रेमी शरद कोकाटे ने किया है, जो 20 साल से लोगों के बीच जागरूकता फैला रहे हैं.

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आंखों पर पट्टी बांधकर बना दिए मिट्टी के गणपति बप्पा. (Photo: Screengrab)
आंखों पर पट्टी बांधकर बना दिए मिट्टी के गणपति बप्पा. (Photo: Screengrab)

सोचिए, आपके सामने मिट्टी रख दी जाए. फिर कहा जाए कि इससे गणपति बप्पा की प्रतिमा बनानी है. अब एक और शर्त जोड़ दीजिए- आंखों पर पट्टी बांध दी जाए. न मिट्टी दिखाई दे. न हाथों से बन रहा आकार. न यह पता चले कि प्रतिमा कैसी बन रही है. लेकिन अकोला के एक शख्स ने यही करके दिखा दिया.

नाम है शरद कोकाटे. उन्होंने आंखों पर पट्टी बांधी, मिट्टी के पास बैठे और फिर हाथों को अपना काम करने दिया. धीरे-धीरे मिट्टी आकार लेने लगी और कुछ ही देर में गणपति बप्पा की प्रतिमा उभरने लगी. अब सवाल है कि आखिर कोई आंखों पर पट्टी बांधकर गणपति की प्रतिमा क्यों बनाएगा? इसकी कहानी सिर्फ कला की नहीं है. इसमें आस्था भी है और पर्यावरण का संदेश भी.

यहां देखें Video

अकोला में पर्यावरण प्रेमी शरद कोकाटे का यह अनोखा अंदाज लोगों को हैरान कर रहा है. प्रतिमा बनाने के लिए उन्होंने मिट्टी का इस्तेमाल किया. लेकिन इस काम को सामान्य तरीके से करने के बजाय उन्होंने आंखों पर पट्टी बांध ली. अब सामने क्या है, यह उन्हें दिखाई नहीं दे रहा था. लेकिन वर्षों का अनुभव शायद उनके हाथों में उतर चुका था.

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हाथ मिट्टी को छूते हैं. उसे आकार देते हैं. कहीं दबाते हैं, कहीं उठाते हैं. और धीरे-धीरे मिट्टी से गणपति बप्पा का स्वरूप सामने आने लगता है.

यह भी पढ़ें: 108 KG चांदी और सोने की परत... दो करोड़ से तैयार की गणपति बप्पा की मूर्ति, दर्शन करने पहुंच रहे श्रद्धालु, Video

बिना देखे प्रतिमा बनाना अपने आप में आसान काम नहीं है. प्रतिमा के अलग-अलग हिस्सों को आकार देना और पूरे स्वरूप को संतुलित रखना बड़ी चुनौती है. लेकिन शरद कोकाटे के लिए यह सिर्फ एक चुनौती नहीं थी. यह उनका संदेश देने का तरीका था.

akola environmentalist sharad kokate creates eco friendly ganpati idol blindfolded

20 साल से पर्यावरण को लेकर लोगों को कर रहे जागरूक

शरद कोकाटे कोई पहली बार इको-फ्रेंडली गणपति को लेकर चर्चा में नहीं आए हैं. वह करीब 20 वर्षों से पर्यावरण पूरक गणपति प्रतिमाओं का संदेश दे रहे हैं. यानी उनकी कोशिश सिर्फ इस साल की नहीं है. करीब दो दशकों से वह लोगों को यह समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि त्योहार मनाना और पर्यावरण का ख्याल रखना, दोनों एक साथ हो सकते हैं.

गणेशोत्सव पर घरों और पंडालों में गणपति बप्पा की स्थापना होती है. पूजा होती है. भक्तों का उत्साह होता है. और फिर आता है विसर्जन का दिन. यहीं से पर्यावरण को लेकर चर्चा भी शुरू होती है. शरद कोकाटे का संदेश है कि आस्था के इस पर्व को प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी के साथ भी मनाया जा सकता है. अकोला में आंखों पर पट्टी बांधकर गणपति बप्पा की प्रतिमा बनाने वाले शरद कोकाटे का यह अनोखा अंदाज लोगों का ध्यान खींच रहा है.

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