नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC)को लेकर विवाद के बीच बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय के एक बयान पर बवाल मच गया है जिसमें उन्होंने पोहा खाने के ढंग से मजदूरों को बांग्लादेशी बताया था. कांग्रेस ने कैलाश विजयवर्गीय के इस बयान को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को घेरा है. कांग्रेस ने कैलाश विजयवर्गीय के इस बयान को एक समुदाय को डराने वाला करार दिया है.
We are extremely sorry dear
आपको भी अब अपनी नागरिकता के कागज दिखाने होंगे।
— INC Chhattisgarh (@INCChhattisgarh)
छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने पोहा की तस्वीर ट्वीट करते हुए लिखा, 'प्रिय पोहा , हमें बेहद अफसोस है. आपको भी अब अपनी नागरिकता के कागज दिखाने होंगे.' कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने कहा, 'पोहा तो मालवा का व्यंजन है ना? ये उन्होंने कैसे पहचान लिया कि वो बांग्लादेशी है. जब से मध्य प्रदेश में माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई शुरू हुई है कैलाश विजयवर्गीय बहुत विचलित हैं.'
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कांग्रेस के नेता राशिद अल्वी ने कहा, ' प्रधानमंत्री कपड़ों से पहचान ले रहे हैं. कैलाश विजयवर्गीय पोहे से पहचान ले रहे हैं. कोई कपड़ों से पहचान रहा है, तो कोई खाने से पहचान रहा है. इनको जासूसों की जरूरत नहीं. अपने आप में ही पर्याप्त हैं. बस इन्हें जो असली समस्याएं हैं उनकी पहचान नहीं है.
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कैलाश विजयवर्गीय के बयान को लेकर कांग्रेस ने बीजेपी को चौतरफा घेरा. कांग्रेस की नेता सुष्मिता देव ने प्रेस कॉन्फेंस किया और कहा कि विजयवर्गीय का बयान बताता है कि सरकार की लोगों के खाने पर नजर है. उन्होंने कहा कि सभी भारतीय पोहा खाते हैं.
उन्होंने कहा कि अगर भारतीय जनता पार्टी के एक वरिष्ठ नेता इस तरह का बयान दे सकते हैं कि कंस्ट्रक्शन लेबर क्या खाना खा रहे हैं, उस खाने को देखकर उनको लगता है कि वो घुसपैठिये हैं तो आप सोच सकते हैं कि अगर NPR हुआ तो आम जनता का क्या होगा?
असल में, गुरुवार को इंदौर शहर में एक संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, 'जब हाल में ही मेरे घर में एक कमरे के निर्माण का काम चल रहा था तो कुछ मजदूरों के खाना खाने का स्टाइल मुझे अजीब लगा. वे केवल पोहा खा रहे थे. मैंने उनके सुपरवाइजर से बात की और शक जाहिर किया कि क्या ये बांग्लादेशी हैं. इसके दो दिन बाद सभी मजदूर काम पर आए ही नहीं.'