Jharkhand News: रांची के रहने वाले एक युवा योग शिक्षक की वियतनाम में सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई. 26 साल के राजा कुमार वर्मा वियतनाम में योग शिक्षक के तौर पर काम कर रहे थे. हादसे के वक्त वह योग की क्लास लेकर अपने दोस्त के साथ स्कूटी से लौट रहे थे. तेज बारिश के बीच स्कूटी की कार से टक्कर हो गई, जिसमें राजा की मौके पर ही मौत हो गई.
रांची के चुन्ना भट्टा इलाके में कैलाश मंदिर के पास मातम छाया हुआ है. लगभग 21 साल के होनहार युवक राजा वर्मा अपने गरीब परिवार की मदद के लिए पैसे कमाने वियतनाम गए थे. वह एक योग शिक्षक थे और पिछले 2 साल से वियतनाम में ही थे. एक सड़क दुर्घटना में उनकी मौत हो गई.
अब उनके शव को वापस लाने के लिए परिवार को लगभग 20 लाख रुपये का खर्च उठाना होगा. गरीब परिवार इतना बड़ा खर्च उठाने की स्थिति में नहीं है; पिता मजदूर हैं और राजा के भाई-बहन पढ़ाई कर रहे हैं. परिवार का घर फूस का बना है, जिसकी छत बारिश में टपकती है.
माता-पिता अपने बेटे के शव को वापस लाने और उसके अंतिम दर्शन करने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं और अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं. उनकी उम्मीदें पूरी तरह से विदेश मंत्रालय और राज्य व केंद्र सरकार से मिलने वाली मदद पर टिकी हैं.
पड़ोसियों और परिवार के लोग बताते है कि राजा के मौत के खबर के बाद उसके पिता का मानसिक संतुलन गड़बड़ा गया है. उन्होने परिवार को किसी तरह से पेंटिंग और अलग अलग काम करके चलाया है .राजा के अलावा एक भाई और बहन है जिनके भविष्य पे भी राजा के जाने से ग्रहण लग गया है.
परिवार की आर्थिक रीढ़ था राजा
भाभी ने बताया कि राजा बीते 2 साल से वियतनाम में था और पैसे भेजता था जिससे परिवार के आर्थिक हालात कुछ मजबूत हुए थे. अभी एक महीने पहले जब वो रांची आकर गया था तब किसी को भी ये पता नहीं थे कि वो राजा को आखिरी बार देख रहे है.
पड़ोसियों बोले- बहुत व्यवहार कुशल था राजा
पड़ोसियों ने बताया कि राजा बेहद व्यवहार कुशल था और योग सीखकर अपने और अपने परिवार के भविष्य को संवारने में जुटा हुआ था तभी ये हादसा हो गया .
अब परिवार को अगर सरकार ने मदद की तब ही उसके आखिरी दर्शन माता पिता भाई बहन को हो पाएगा .उसके शव को भारत और रांची लाने में कम से कम परिजनों ने बताया कि 20 लाख रुपये का खर्च है .इतना खर्च करना परिवार के सामर्थ्य के बाहर है .