उमर अब्दुल्ला सरकार में मंगलवार को कैबिनेट रीशफल होने जा रहा है. श्रीनगर के लोक भवन ऑडिटोरियम में सुबह 10:30 बजे एलजी मनोज सिन्हा नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे.
हालांकि, कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि वह सरकार में शामिल नहीं होगी. पार्टी ने अपना रुख दोहराते हुए कहा कि जब तक राज्य का दर्जा बहाल नहीं होता, तब तक वह सरकार का हिस्सा नहीं बनेगी. कांग्रेस के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि कैबिनेट फेरबदल को लेकर पार्टी से कोई सलाह-मशविरा भी नहीं किया गया है.
सूत्रों का कहना है कि उमर अब्दुल्ला एक या दो मंत्रियों को हटा सकते हैं. बता दें, जम्मू-कश्मीर रीऑर्गनाइजेशन एक्ट के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में CM सहित अधिकतम 9 मंत्री हो सकते हैं. फिलहाल कैबिनेट में 6 सदस्य हैं और 3 और मंत्रियों के लिए जगह खाली है.
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सूत्रों का कहना है कि 3 और मंत्रियों को शामिल करने के अलावा, CM उमर अब्दुल्ला एक या दो मंत्रियों को बदल भी सकते हैं.
CM उमर अब्दुल्ला अपने विधायकों से नाराज भी हैं क्योंकि उनमें से कई उन्हें WhatsApp पर लंबे मैसेज भेज रहे हैं और मंत्री पद के लिए लॉबिंग कर रहे हैं. CM उमर अब्दुल्ला ने सार्वजनिक रूप से अपने विधायकों से मंत्री पद के लिए लॉबिंग न करने को कहा है.
CM उमर अब्दुल्ला के सामने अपनी कैबिनेट में क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने की बड़ी चुनौती है. उमर अब्दुल्ला के सामने अपनी विधायकों को एकजुट रखने की भी चुनौती है क्योंकि कुछ विधायक CM की सार्वजनिक चेतावनी से नाराज हो सकते हैं.