सोनीपत के गोहाना में दोस्ती और भरोसे के रिश्ते को तार-तार कर देने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है. जहां महज 18 हजार रुपये चोरी होने के शक में दो दोस्तों ने अपने ही जिगरी दोस्त की बेरहमी से हत्या कर दी. आरोपियों ने 10 रुपये में खरीदे गए सब्जी काटने वाले चाकू से युवक का गला काट दिया और शव को नाले में पुलिया के नीचे छिपाकर फरार हो गए. करीब एक महीने से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता युवक की तलाश के दौरान पुलिस ने इस हत्याकांड का खुलासा किया है.
मृतक की पहचान गोहाना के गांव इंद्रगढ़ी निवासी ढोलू उर्फ विक्की के तौर पर हुई है. पुलिस के मुताबिक विक्की 5 अगस्त को अचानक लापता हो गया था. काफी तलाश के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिला. इसके बाद 1 सितंबर को उसके चाचा संजय ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. उन्होंने विक्की के दोस्तों विक्रम और प्रीतम पर अपहरण का शक जताया था.
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज की. जांच आगे बढ़ी तो शक की सुई विक्की के दोनों दोस्तों की तरफ घूम गई. पुलिस ने विक्रम और प्रीतम को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो जो कहानी सामने आई, उसने पुलिस को भी हैरान कर दिया. दोनों ने विक्की की हत्या करने की बात कबूल कर ली.
हरिद्वार से लौटा दोस्त और शुरू हुआ शक
एसीपी क्राइम राजपाल के मुताबिक ढोलू उर्फ विक्की, विक्रम और प्रीतम तीनों जिगरी दोस्त थे. करीब 30 से 40 दिन पहले तीनों किराए की टैक्सी लेकर हरिद्वार गए थे. इसी दौरान प्रीतम के 18 हजार रुपये चोरी हो गए. प्रीतम और विक्रम को शक था कि उसके रुपये विक्की ने चोरी किए हैं.
हरिद्वार से वापस लौटने के करीब एक सप्ताह बाद दोनों ने विक्की को पार्टी करने के बहाने गाड़ी में बैठाया. इसके बाद उससे 18 हजार रुपये चोरी करने को लेकर पूछताछ शुरू की गई. विक्की ने चोरी की बात से इनकार कर दिया. आरोपियों का शक कम होने के बजाय और बढ़ गया और दोनों ने उसकी हत्या करने का फैसला कर लिया.
इसके बाद आरोपियों ने 10 रुपये में खरीदे गए सब्जी काटने वाले चाकू से विक्की का गला काट दिया. हत्या के बाद शव को गोहाना के पास एक नाले में पुलिया के नीचे छिपा दिया गया. दोनों आरोपी वारदात को अंजाम देने के बाद वहां से फरार हो गए.
आरोपियों की निशानदेही पर मिला शव
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद उनकी निशानदेही पर नाले में पुलिया के नीचे से विक्की का शव बरामद कर लिया. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विक्रम निवासी रूखी गांव और प्रीतम निवासी भटगांव के रूप में हुई है.
गोहाना क्राइम यूनिट अब दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी में है. पुलिस रिमांड के दौरान हत्या की पूरी साजिश, वारदात में इस्तेमाल हथियार और इस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच करेगी. एक मामूली रकम के चोरी होने के शक ने तीन जिगरी दोस्तों के रिश्ते को ऐसा मोड़ दिया कि दोस्ती खत्म हो गई और एक दोस्त की जान चली गई.