दिवाली और छठ पूजा में इस बार घर जाने की तैयारी कर रहे रेल यात्रियों की मुश्किलें अभी से बढ़ गई हैं. त्योहारों में करीब दो महीने का वक्त बाकी है, लेकिन दिल्ली, मुंबई और गुजरात से उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड जाने वाली कई ट्रेनों में अभी से कंफर्म टिकट मिलना मुश्किल हो गया है. कई ट्रेनों में लंबी वेटिंग चल रही है, जबकि कुछ में वेटिंग टिकट भी उपलब्ध नहीं है. ऐसे में यात्रियों की उम्मीद अब रेलवे की फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनों पर टिकी है.
दिल्ली से उत्तर प्रदेश और बिहार की तरफ जाने वाली कई प्रमुख ट्रेनों में दिवाली और छठ के आसपास सीटों की स्थिति बेहद खराब है. नई दिल्ली-राजेंद्र नगर पटना तेजस राजधानी एक्सप्रेस, डिब्रूगढ़ राजधानी एक्सप्रेस, अगरतला तेजस राजधानी एक्सप्रेस, बाबा बैद्यनाथ धाम एक्सप्रेस, पूर्वा एक्सप्रेस, संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस, पूर्वोत्तर संपर्क क्रांति एक्सप्रेस, ब्रह्मपुत्र मेल, सीमांचल एक्सप्रेस, मगध एक्सप्रेस, महानंदा एक्सप्रेस, श्रमजीवी एक्सप्रेस और फरक्का एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में कई क्लास में कंफर्म टिकट उपलब्ध नहीं है. कई में लंबी वेटिंग दिखाई दे रही है.
दिल्ली-वाराणसी रूट पर भी यात्रियों को राहत नहीं मिल रही है. शिवगंगा एक्सप्रेस में वेटिंग चल रही है. स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस में फर्स्ट एसी को छोड़कर बाकी क्लास में कंफर्म टिकट उपलब्ध नहीं है. लिच्छवी एक्सप्रेस, महामना एक्सप्रेस और सद्भावना एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में भी टिकट की मांग काफी ज्यादा है.
मुंबई से यूपी-बिहार की ट्रेनें हो गईं फुल
मुंबई से बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर जाने वाली ट्रेनों में भी यही स्थिति है. मुंबई से आसनसोल जाने वाली एक्सप्रेस में फिलहाल थर्ड एसी में वेटिंग टिकट उपलब्ध है, जबकि स्लीपर और सेकंड एसी में नो रूम है. लोकमान्य तिलक टर्मिनस से डिब्रूगढ़ जाने वाली एलटीटी-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस, एलटीटी-पाटलिपुत्र एक्सप्रेस और लोकमान्य तिलक-राजगीर एक्सप्रेस में कई क्लास में नो रूम की स्थिति है. यानी यात्रियों को वेटिंग टिकट भी नहीं मिल रहा है.
मुंबई-वाराणसी रूट पर भी यात्रियों की परेशानी कम नहीं है. लोकमान्य तिलक से जयनगर जाने वाली ट्रेन में स्लीपर और थर्ड एसी में वेटिंग है, जबकि सेकंड एसी में सीट उपलब्धता दिखाई दे रही है. लोकमान्य तिलक-बनारस एक्सप्रेस में स्लीपर में लंबी वेटिंग है, जबकि थर्ड एसी, सेकंड एसी और फर्स्ट एसी में नो रूम है.
महानगरी एक्सप्रेस में स्लीपर और फर्स्ट एसी में नो रूम है, जबकि थर्ड एसी और सेकंड एसी में कंफर्म टिकट उपलब्ध नहीं है. इसी तरह लोकमान्य तिलक-गोरखपुर एक्सप्रेस में स्लीपर और थर्ड एसी में लंबी वेटिंग है, जबकि सेकंड एसी में नो रूम है. कामायनी एक्सप्रेस में भी स्लीपर और थर्ड एसी में कंफर्म टिकट नहीं मिल रहा है, जबकि सेकंड एसी में नो रूम की स्थिति है. लोकमान्य तिलक-गोरखपुर एक्सप्रेस और दादर-बलिया एक्सप्रेस में भी टिकट की मांग काफी ज्यादा है.
गुजरात से आने वाली ट्रेनों में भी नो रूम
गुजरात से उत्तर प्रदेश और बिहार की ओर आने वाली ट्रेनों में भी दिवाली और छठ के आसपास सीटों का संकट दिखाई दे रहा है. अहमदाबाद से सिलचर जाने वाली 19483 अहमदाबाद-सिलचर एक्सप्रेस में वेटिंग टिकट भी उपलब्ध नहीं है. अजीमाबाद एक्सप्रेस में भी कई क्लास में कंफर्म तो दूर, वेटिंग टिकट की उपलब्धता नहीं है.
इसी तरह उधना से वाराणसी के बीच चलने वाली ताप्ती गंगा एक्सप्रेस में भी कई क्लास में वेटिंग टिकट उपलब्ध नहीं है. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि त्योहारों के दौरान गुजरात से पूर्वांचल और बिहार की तरफ जाने वाली ट्रेनों में कितनी ज्यादा भीड़ रहने वाली है.
यात्रियों को अब स्पेशल ट्रेनों का इंतजार
दिवाली और छठ पूजा पूर्वांचल और बिहार के लोगों के लिए घर लौटने का सबसे बड़ा मौका होता है. दिल्ली, मुंबई और गुजरात जैसे शहरों में बड़ी संख्या में रहने वाले लोग इन त्योहारों पर अपने गांव-घर लौटते हैं. यही वजह है कि इन दिनों रेल टिकटों की मांग अचानक कई गुना बढ़ जाती है.
इस बार भी अभी से ट्रेनों में सीटें भरने लगी हैं. कई रूट पर वेटिंग टिकट तक खत्म हो चुका है. ऐसे में यात्रियों की निगाहें अब रेलवे की ओर हैं. अगर रेलवे अतिरिक्त फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनें चलाता है, तो यात्रियों को कुछ राहत मिल सकती है. फिलहाल स्थिति यही है कि दिवाली और छठ पर घर जाने की योजना बना रहे यात्रियों को टिकट के लिए काफी पहले से प्लानिंग करनी होगी.