मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुग्राम में विकास कार्यों, नागरिक सुविधाओं और जनसमस्याओं को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक की. बैठक में विभिन्न विकास परियोजनाओं की प्रगति और नागरिक सुविधाओं की स्थिति की समीक्षा की गई. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नागरिकों की शिकायतों का सही तरीके से समाधान किया जाए और इसकी पुष्टि संबंधित नागरिक से भी की जाए.
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार केवल फाइलों और बैठकों तक सीमित नहीं रह सकती. नागरिकों की समस्याओं की जानकारी लेने के लिए उनके पास एक अलग व्यवस्था है, जिसकी वह खुद निगरानी करते हैं. इसके जरिए यह जानकारी मिलती रहती है कि जमीन पर क्या स्थिति है और नागरिकों को किन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है.
उन्होंने कहा कि कई बार जब कोई नागरिक अपनी समस्या बताता है तो वह खुद उससे बात करते हैं. कई बार वह यह बताए बिना कि वह मुख्यमंत्री हैं, सीधे नागरिक से उसकी परेशानी पूछते हैं. उसकी बात सुनकर समस्या को संबंधित विभाग के सामने रखा जाता है.
मुख्यमंत्री और आम नागरिक के बीच दूरी न रहे
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि किसी नागरिक की शिकायत उनके लिए सिर्फ एक शिकायत नहीं है, बल्कि इससे यह पता चलता है कि सरकार की व्यवस्था उस व्यक्ति तक कितनी पहुंची है. उनका प्रयास है कि मुख्यमंत्री और आम नागरिक के बीच दूरी न रहे और किसी व्यक्ति को यह महसूस न हो कि उसकी आवाज ऊपर तक नहीं पहुंच सकती.
उन्होंने कहा कि गुरुग्राम के नागरिकों के प्रति सरकार की जिम्मेदारी है. प्रशासन को पहले से सक्रिय होकर काम करना होगा और जहां संभव हो, समस्या आने से पहले ही उसकी पहचान करनी होगी. यदि कोई नागरिक बताता है कि उसकी शिकायत का समाधान नहीं हुआ, जबकि अधिकारी ने निस्तारण की रिपोर्ट दी है, तो ऐसे मामलों की दोबारा जांच होगी और लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी.
निस्तारण केवल फाइल बंद करने से नहीं माना जाएगा
मुख्यमंत्री ने साफ किया कि शिकायत का निस्तारण केवल फाइल बंद करने से नहीं माना जाएगा. निस्तारण तभी पूरा माना जाएगा, जब संबंधित नागरिक को राहत मिले और वह खुद बताए कि उसकी समस्या का समाधान हो गया है. मुख्यमंत्री ने बताया कि गुरुग्राम में बिल्डर द्वारा STP का सही संचालन नहीं किए जाने की शिकायत सामने आई थी. इस मामले में हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के संबंधित RO की लापरवाही पाए जाने पर उन्हें निलंबित किया गया है. उन्होंने कहा कि जहां भी लापरवाही मिलेगी, वहां जिम्मेदारी तय की जाएगी.
उन्होंने कहा कि गुरुग्राम में जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता के साथ काम करने वाले अधिकारियों की जमीन पर काम की Performance को ACR में भी दर्ज किया जाएगा. अधिकारियों की जवाबदेही केवल कार्यालय में बैठकर काम करने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि जमीन पर दिखने वाले परिणामों के आधार पर भी होगी.
गुरुग्राम के लिए स्पेशल प्लान
गुरुग्राम की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए बैठक में कई फैसले लिए गए. शहर में रेडी मिक्स कंक्रीट (RMC) के लिए जोनवार क्षेत्र विकसित किए जाएंगे. वहीं, गुरुग्राम की जलापूर्ति व्यवस्था के लिए गुरुग्राम जलापूर्ति चैनल को भूमिगत पाइपलाइन में बदला जाएगा. ककरोई हेड से बसई जल शोधन संयंत्र तक 69.585 किलोमीटर लंबी भूमिगत दबावयुक्त पाइपलाइन परियोजना का जनवरी में शिलान्यास किया जाएगा. 1,993.59 करोड़ रुपये की इस परियोजना को 30 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली से गुरुग्राम में कूड़ा डालने वाले वाहनों को जब्त किया जाएगा और उन पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा. गुरुग्राम की सफाई और पर्यावरण से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि गुरुग्राम हरियाणा की आर्थिक और औद्योगिक गतिविधियों की बैकबोन है. फरीदाबाद और प्रदेश के उन सभी शहरों पर भी ध्यान देना जरूरी है, जो हरियाणा की अर्थव्यवस्था और राजस्व में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि बैठक में यह तय किया गया है कि फैसले सिर्फ कागज पर न रहें, बल्कि उनका असर जमीन पर भी दिखाई दे. उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता नागरिकों को बेहतर सुविधाएं देना, उनकी समस्याओं का सही समाधान करना और सरकार तथा जनता के बीच संवाद बनाए रखना है. शिकायत का समाधान तभी पूरा माना जाएगा, जब नागरिक खुद इसकी पुष्टि करेगा.