हरियाणा विद्युत नियामक आयोग (HERC) ने एक निजी कंपनी को बिजली वितरण का लाइसेंस दिया. इसके विरोध में कर्मचारियों की हड़ताल से साइबर सिटी गुरुग्राम में बिजली व्यवस्था चरमरा गई है. दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) के करीब 98% अधिकारी और कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं.
ओल्ड गुरुग्राम के सर्कल-1 में 826 में से 816 और सर्कल-2 में 557 में से 540 कर्मचारी काम पर नहीं पहुंचे. इस व्यापक हड़ताल के चलते अकेले ओल्ड गुरुग्राम में 50,000 से अधिक घरों की बिजली गुल हो गई, जबकि शहर के करीब 50 इलाके सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं.
बिजली गुल होने से घरों में इन्वर्टर भी ठप हो गए. वहीं, बूस्टिंग स्टेशनों पर बिजली न होने से पेयजल आपूर्ति पूरी तरह चरमरा गई है. औद्योगिक क्षेत्र भी इस संकट की चपेट में हैं. सेक्टर-37 और कादीपुर औद्योगिक क्षेत्रों में करीब 1,800 मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स का उत्पादन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. डीजी सेट्स पर लगे GRAP प्रतिबंध और डीजल जनरेटरों की सीमित क्षमता के कारण फैक्ट्रियों में काम रोकना पड़ा, जिससे भारी आर्थिक नुकसान हुआ है.
इस मामले में बिजली विभाग के एसई श्यामवीर सैनी ने टेलीफोन पर बातचीत में बताया कि सर्कल-1 के कई इलाकों में कल रात से बिजली की भारी किल्लत है. इसका सबसे बड़ा कारण लगातार बढ़ रहे फॉल्ट और कर्मचारियों की हड़ताल है. श्यामवीर सैनी के मुताबिक, विभाग के सभी ट्रेंड कर्मचारी हड़ताल पर हैं. ऐसे में अनट्रेंड कर्मचारियों के भरोसे बिजली के फॉल्ट ठीक करना विभाग के लिए बड़ी चुनौती बन गया है.
गौरतलब है कि गुरुग्राम के कई इलाकों में ब्लैकआउट देखने को मिला है, कई इलाकों में रात 12 बजे से बिजली की सप्लाई बाधित होने से पानी की आपूर्ति पर भी बड़ा असर पड़ा है. लोगों के घरों में पानी की किल्लत हो रही है.
बिजली की समस्या से परेशान लोगों ने कल देर रात सड़कों पर जाम भी लगाया था. इसके बाद बिजली आई, लेकिन सिर्फ दो घंटे की राहत मिली.
वहीं, पंचकूला में हरियाणा के बिजली मंत्री अनिल विज ने बिजली कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कर्मचारियों से हड़ताल वापस लेने की अपील करते हुए कहा कि मामले का समाधान लगभग हो चुका है. मुख्यमंत्री से भी बातचीत कर ली गई है और दोपहर तीन बजे कर्मचारी नेताओं के साथ बैठक करेंगे.