गुजरात के वडोदरा में एक घर है. घर में एक मां, उसका बेटा और बेटी रहते थे. करीब एक साल पहले परिवार के मुखिया चेतनभाई सोनी की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी. इसके बाद परिवार की जिम्मेदारियां उनकी पत्नी आरतीबेन सोनी, बेटे नीलकंठ और बेटी जेनी के कंधों पर आ गईं. परिवार का एक आयुर्वेदिक अस्पताल भी था. बिजनेस पार्टनर के मुताबिक, अस्पताल का कामकाज चल रहा था. कुछ दिन पहले ही नए डॉक्टरों को जोड़ने को लेकर बातचीत हुई थी. बेटा नीलकंठ कुछ समय पहले कनाडा से लौटा था और बेटी जेनी ने हाल ही में अपनी पढ़ाई पूरी की थी.
फिर 29 अक्टूबर 2026 को सामने आई एक खबर ने इस परिवार की कहानी को अचानक दर्दनाक मोड़ पर ला खड़ा किया. वडोदरा के मांडवी इलाके में स्थित दला पटेल की पोल में आरतीबेन, नीलकंठ और जेनी के शव उनके घर के अंदर मिले. तीनों की उम्र 47, 24 और 22 साल बताई गई है. पुलिस की शुरुआती जानकारी के मुताबिक, तीनों की मौत फांसी लगाने से हुई. लेकिन सवाल है कि आखिर उस घर में क्या हुआ था? फिलहाल इसका जवाब किसी के पास नहीं है.

यह मामला वडोदरा के मांडवी इलाके का है. घर में काम करने वाली महिला वहां पहुंची. उसने दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं आया. जब दरवाजा नहीं खुला तो महिला ने एक परिचित को इसकी जानकारी दी. इसके बाद परिवार के लोगों और पुलिस को खबर दी गई. पुलिस की टीम मौके पर पहुंची. घर के अंदर तीनों के शव मिले. पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी. डीसीपी के मुताबिक, शुरुआती जानकारी में परिवार के तीनों सदस्यों की मौत फांसी लगाने से होने की बात सामने आई है.
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रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि शवों से दुर्गंध आ रही थी. इससे पुलिस को अंदेशा हुआ कि घटना और शव मिलने के बीच कुछ समय का अंतर हो सकता है. हालांकि, मौत कब हुई, इसका सही समय क्या था और इसके पीछे की वजह क्या है, इन सवालों का जवाब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मिल सकेगा.
एक साल पहले परिवार के मुखिया की मौत हुई थी
करीब एक साल पहले चेतनभाई सोनी की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी. चेतनभाई के परिवार का अपना कारोबार था. परिवार के बिजनेस पार्टनर के मुताबिक, चेतनभाई के साथ मिलकर करीब डेढ़ साल पहले ओल्ड पादरा रोड पर एक आयुर्वेदिक अस्पताल शुरू किया गया था. चेतनभाई की मौत के बाद अस्पताल की जिम्मेदारी आरतीबेन, नीलकंठ और जेनी संभाल रहे थे. अस्पताल में चेतनभाई का इनवेस्टमेंट था, जबकि हिसाब-किताब और रोजमर्रा का काम ये तीनों देखते थे.
परिवार के बिजनेस पार्टनर ने पुलिस को दी जानकारी में कहा कि घटना से तीन-चार दिन पहले अस्पताल में 10 नए विजिटिंग डॉक्टरों को जोड़ने के बारे में सामान्य बातचीत हुई थी. उनके मुताबिक, अस्पताल का कामकाज अच्छा चल रहा था. परिवार के सदस्यों के बीच किसी आर्थिक विवाद या मनमुटाव की जानकारी उन्हें नहीं थी.
आरतीबेन के बेटे नीलकंठ कुछ समय पहले कनाडा से लौटे थे. बेटी जेनी ने हाल ही में अपनी पढ़ाई पूरी की थी. इन दोनों बातों के अलावा परिवार के फ्यूचर, उनकी निजी जिंदगी या किसी संभावित परेशानी को लेकर फिलहाल कोई जानकारी सामने नहीं आई है. घटना से पहले घर में क्या हुआ, तीनों की मौत किन परिस्थितियों में हुई और क्या कोई ऐसी बात थी जिसकी जानकारी परिवार के बाहर के लोगों को नहीं थी. इन सवालों का जवाब पुलिस की जांच से ही मिल सकता है.
घटना की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों समेत एक टीम मौके पर पहुंची. पुलिस ने शवों को कब्जे में लिया और जांच शुरू की. फिलहाल पुलिस की शुरुआती जानकारी के अलावा घटना की पूरी तस्वीर सामने नहीं आई है. वडोदरा के इस घर में आखिर क्या हुआ था, यह सवाल अब भी बना हुआ है. एक परिवार, जिसने करीब एक साल पहले अपने मुखिया को खोया था, उसके तीन सदस्य अब मृत मिले हैं.
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