सूरत में मां की डांट से नाराज होकर 13 वर्षीय बच्चे द्वारा आत्महत्या किए जाने की दर्दनाक घटना सामने आई है. जहां बच्चा अपने भाई-बहन के साथ घर में मस्ती कर रहा था, जिसके बाद मां ने दोनों बच्चों को डांट दिया था. मां की डांट से नाराज होकर बेटे ने घर से बाहर जाने के करीब 15 से 20 मिनट बाद वापस आकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है.
यह घटना सूरत के रांदेर इलाके में भुवनेश्वरी सोसायटी के मकान नंबर 9 में हुई. मृतक बच्चे की उम्र महज 13 वर्ष थी और वह स्वामिनारायण स्कूल में कक्षा 8 में पढ़ाई करता था. 31 अगस्त की शाम बच्चा अपने भाई और बहन के साथ घर में हंसी-मजाक और मस्ती कर रहा था. बच्चों की मस्ती के दौरान मां ने दोनों को डांट दिया. मां की डांट से बच्चा नाराज हो गया और घर से बाहर चला गया था. घटना के दौरान मां अपने पैन कार्ड और आधार कार्ड से जुड़े किसी काम के सिलसिले में घर से बाहर गई थी.
बाहर से आई मां, तब तक फांसी के फंदे पर झूल चुका था बच्चा
इसी दौरान बच्चा भी घर से बाहर चला गया था. करीब 15 से 20 मिनट बाद मां अपना काम पूरा कर वापस घर लौटी. घर लौटने के बाद मां ने जो दृश्य देखा, उससे उसके पैरों तले जमीन खिसक गई थी. उसका 13 वर्षीय बेटा सुजल सीढ़ियों की रेलिंग से लटका हुआ मिला. बेटे को इस हालत में देखकर मां सदमे में आ गई और घर में चीख-पुकार मच गई. परिवार के लोग और आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए. बच्चे को तत्काल नीचे उतारा गया और अस्पताल ले जाने की कोशिश की गई. इसके बाद बच्चे को सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था जिसके बाद अस्पताल में बच्चे का पोस्टमार्टम कराया गया.
इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है. जिस बच्चे की उम्र अभी महज 13 साल थी, उसने मां की डांट के बाद इतना बड़ा और खौफनाक कदम उठा लिया. परिवार के लिए यह घटना किसी सदमे से कम नहीं है. बताया जा रहा है कि बच्चा अपने भाई-बहन के साथ सामान्य रूप से मस्ती कर रहा था. मां ने बच्चों को अनुशासन के लिए डांटा था, लेकिन इसके बाद बच्चे ने जो कदम उठाया, उसने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया. एक छोटी सी नाराजगी और क्षणिक भावनात्मक आवेश ने परिवार से उनका मासूम बेटा छीन लिया.
घटना पर मृत बच्चे के मामा ने क्या बताया?
घटना के बाद सोसायटी में भी गम का माहौल है और हर कोई इस दर्दनाक घटना से स्तब्ध है. यह घटना बच्चों में बढ़ते भावनात्मक तनाव और छोटी-छोटी बातों पर उनके द्वारा उठाए जा रहे बेहद गंभीर कदमों को लेकर भी सवाल खड़े करती है. इस घटना के बाद बच्चों को डांटने के बजाय उनकी भावनाओं को समझना और उनसे बातचीत करना बेहद जरूरी है. हालांकि, इस मामले में बच्चे ने आखिर ऐसा कदम क्यों उठाया. इसकी पूरी वजह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी. सूरत के रांदेर इलाके में हुई इस दर्दनाक घटना ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं और पूरे इलाके को गमगीन कर दिया है.
मृतक बच्चे के मामा राकेश भिलावे ने बताया कि वो भेसान गांव के रहने वाले हैं. कुछ नहीं, सामान्य रूप से घर में दोनों भाई-बहन थोड़ा झगड़ा कर रहे थे, तो बहन ने उसे डांट दिया था. फिर मेरी बहन आधार कार्ड, पैन कार्ड सुधरवाने के लिए दिया था, वह लेने गई. बहन जब 15–20 मिनट में वापस आई, तो लड़के ने गले में फंदा लगा लिया था. 13 साल का बच्चा था स्वामीनारायण स्कूल, मोरा भागल में आठवीं कक्षा में पढ़ता था. मैं सभी माता-पिता को यही संदेश देना चाहता हूं कि अपने बच्चों को फोन से दूर रखें और उनका ध्यान रखें, बस.
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