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3 सेकंड में ढहाए गए सुभाष ब्रिज के तीन स्पैन, ध्वस्त हुआ 53 साल पुराना ब्रिज

अहमदाबाद के 53 साल पुराने सुभाष ब्रिज को पूरी तरह तोड़ दिया गया है. इस ब्रिज के स्पैन 2025 में धंस गए थे, जिसके बाद कंसल्टेंट ने ब्रिज तोड़ने की सिफारिश की थी.

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बनेगा नया ब्रिज (Photo: Screengrab)
बनेगा नया ब्रिज (Photo: Screengrab)

गुजरात के अहमदाबाद में 53 साल पुराना सुभाष ब्रिज अब अतीत बन चुका है. इस ब्रिज को पूरी तरह से तोड़ने के काम के तहत गुरुवार को नदी में बने ब्रिज के तीन स्पैन ढहा दिए गए. पूरे स्पैन को सुरक्षित तरीके से बहुत सावधानी के साथ नीचे उतारा गया. इस ब्रिज की जगह अब नया ब्रिज बनाया जा रहा है, जिसके अगले साल (साल 2027) अप्रैल या मई महीने तक बनकर तैयार होने की उम्मीद जताई जा रही है.

जानकारी के मुताबिक अहमदाबाद सुभाष ब्रिज के ऊपरी हिस्से को तोड़कर इसका फिर से निर्माण करने का फैसला लिया गया था. ऊपरी हिस्सा तोड़े जाने के दौरान ब्रिज के स्पैन और पिलर को नुकसान पहुंचा. ऐसे में अधिकारियों ने इस ब्रिज को पूरी तरह से ध्वस्त कर इसकी जगह नए ब्रिज के निर्माण का फैसला किया.

पहले इस ब्रिज के ऊपरी हिस्से का निर्माण कार्य पूरा करने के लिए नौ महीने की समय-सीमा तय की गई थी. अब इस काम में 16 महीने लगने की संभावना जताई जा रही है. इस पुल को आधुनिक मशीनों का उपयोग करते हुए बहुत ही सावधानीपूर्वक तोड़ा गया. ब्रिज के ध्वस्तीकरण की पूरी कार्यवाही कैमरे में कैद की गई.

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साबरमती नदी पर इस पुल का निर्माण 1973 में कराया गया था. इस पुल की लंबाई 453.7 मीटर और चौड़ाई 12.8 मीटर थी. इसकी जगह नए पुल का निर्माण अहमदाबाद म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन करा रहा है. इस पर कुल 235 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि खर्च होने का अनुमान है. नए पुल का निर्माण आधुनिक तकनीक की मदद से किया जाना है.

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गौरतलब है कि 4 दिसंबर 2025 को अहमदाबाद के सुभाष ब्रिज में दरार आ गई थी और उसके स्पैन का एक हिस्सा भी धंस गया था. इसके बाद प्रशासन ने ब्रिज को बंद कर जांच शुरू करा दी थी. म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन ने कुछ इंजीनियरिंग कंसल्टेंट एजेंसियों को ब्रिज की मजबूती की जांच करने और मरम्मत के उपाय सुझाने का काम सौंपा था. इसके अलावा, आईआईटी रुड़की, आईआईटी मुंबई जैसे संस्थानों से भी टेस्ट करवाए गए थे. ब्रिज कंसल्टेंट की ओर से सुभाष ब्रिज को पिलर सहित पूरी तरह से तोड़ने की सिफारिश की गई थी.

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