ट्रॉली बैग में फूड पैकेट थे. देखने वाला यही समझता कि कोई विदेशी स्नैक्स लेकर आया है. लेकिन कस्टम्स ने जब पैकेट खोले तो कहानी बदल गई. खाने की चीजों के बीच करीब 4 करोड़ रुपये का हाइड्रोपोनिक गांजा छिपा था. आरोपी पहली बार विदेश गया था, लेकिन पहली ही ट्रिप उसे सीधे जेल तक ले आई.
विदेश से लौटते वक्त लोग आमतौर पर चॉकलेट, परफ्यूम या गिफ्ट लेकर आते हैं. लेकिन महाराष्ट्र का 40 साल का शख्स बैंकॉक से जो लेकर आया, उसकी कीमत करीब 4 करोड़ रुपये बताई जा रही है. हालांकि, यह सामान अपने ठिकाने तक पहुंच पाता, उससे पहले ही अहमदाबाद एयरपोर्ट पर कस्टम्स ने उसे पकड़ लिया.

मामला 1 जुलाई का है. बैंकॉक से फ्लाइट TG-343 अहमदाबाद पहुंची थी. इसी फ्लाइट से आए महाराष्ट्र के उल्हासनगर के रहने वाले एक यात्री की गतिविधियां कस्टम्स की एयर इंटेलिजेंस यूनिट (AIU) को संदिग्ध लगीं. अधिकारियों ने उसे रोककर उसके ट्रॉली बैग की तलाशी ली.
बैग में कई फूड पैकेट रखे थे. ऊपर से सब कुछ बिल्कुल सामान्य दिख रहा था. लेकिन जब पैकेट खोले गए तो उनमें से 22 पारदर्शी पॉलीथीन पैकेट निकले. मौके पर ही फील्ड टेस्ट किया गया तो पता चला कि इनमें हाई क्वालिटी का हाइड्रोपोनिक गांजा था.
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कस्टम्स के मुताबिक, बरामद ड्रग्स का कुल वजन 4.276 किलोग्राम है और इंटरनेशनल मार्केट में इसकी कीमत करीब 4 करोड़ रुपये है. पूरे माल को एनडीपीएस एक्ट के तहत जब्त कर लिया गया है, जबकि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है.

अब सवाल है कि आरोपी सिर्फ 'कैरियर' था या किसी ड्रग्स नेटवर्क की कड़ी. जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह खेप आखिर किसके लिए लाई गई थी और इसके पीछे कौन लोग सक्रिय हैं. आरोपी से पूछताछ के आधार पर पूरे नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है.
हाइड्रोपोनिक गांजा सामान्य गांजे से कहीं ज्यादा महंगा और असरदार माना जाता है. यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स सिंडिकेट इसकी तस्करी के लिए नए-नए तरीके अपनाते हैं. इस बार तरीका था- फूड पैकेट. लेकिन कस्टम्स की नजर से यह चाल बच नहीं सकी.