दिल्ली हाईकोर्ट ने आईबी अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड में दोषी ठहराए गए और उम्रकैद की सजा पाए ताहिर हुसैन की अपील पर सुनवाई करने पर सहमति जता दी है. अदालत ने साफ किया है कि इस मामले से जुड़ी सभी अपीलें एक साथ 2 दिसंबर को सुनी जाएंगी. यह पूरा मामला दिल्ली दंगों के दौरान हुई आईबी अधिकारी की हत्या से जुड़ा है, जिसमें ताहिर हुसैन को दोषी करार दिया गया था.
सुनवाई के दौरान ताहिर हुसैन की ओर से पेश वरिष्ठ वकील राजीव मोहन ने अदालत को बताया कि उनके मुवक्किल को धारा 307, 109 और 144 के तहत दोषी ठहराया गया है, जबकि धारा 149 के मामले में उन्हें सिर्फ मदद और सहायता देने के आरोप में दोषी माना गया है.
वकील ने यह भी कहा कि उनके मुवक्किल को सिर्फ एक ही मुख्य अपराध, यानी धारा 188 के तहत दोषी ठहराया गया है. उन्होंने अदालत के सामने यह दलील भी रखी कि मुकदमे के दौरान एक अभियोजन गवाह के बयान को गलत तरीके से समझा गया था, जिस पर निचली अदालत ने भरोसा किया था.
हाईकोर्ट ने बताया कि इस मामले से जुड़े सभी संबंधित मुकदमे पहले से ही 2 दिसंबर की तारीख पर लगे हुए हैं. वकील राजीव मोहन ने अदालत से कहा कि अगर सभी अपीलों की भूमिका अलग-अलग स्पष्ट की जाए और उन्हें एक साथ सुना जाए, तो इससे अदालत का समय भी बचेगा. वहीं पुलिस की ओर से पेश वकील रजत नायर ने भी अदालत को बताया कि राज्य सरकार भी चाहती है कि सभी अपीलों पर एक साथ सुनवाई हो.
इन सभी दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने अपील को स्वीकार कर लिया और नोटिस जारी करने का आदेश दिया. साथ ही अदालत ने मामले से जुड़ा नॉमिनल रोल यानी बंदी का पूरा रिकॉर्ड मंगवाने का भी निर्देश दिया. अब इस अपील को अन्य जुड़े हुए मामलों के साथ 2 दिसंबर को सूचीबद्ध किया जाएगा.