स्वतंत्र भारद्वाज को पुलिस ने बुलंदशहर से गिरफ्तार किया है. गिरफ्तारी के बाद उसे एक दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया. उसे कड़कड़डूमा कोर्ट परिसर में संबंधित जज के आवास पर पेश किया गया, जहां वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई हुई. CJP के प्रदर्शन के बाद स्वतंत्र के खिलाफ दर्ज मामले में SC-ST एक्ट की धारा जोड़ी गई थी. इसके अलावा उसके खिलाफ POCSO एक्ट के तहत भी FIR दर्ज की गई. वहीं, आज स्वतंत्र के समर्थन में हिंदू संगठन पुलिस की एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाते हुए थाने के बाहर जुटे.
इससे पहले शुक्रवार(4 सितंबर) को प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिया था. पुलिस ने उसे उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से पकड़ा. यह कार्रवाई एक वायरल पॉडकास्ट क्लिप सामने आने के बाद हुई, जिसमें आरोपी ने कथित तौर पर एक छात्रा के पिता पर हमला करने की बात कबूल की थी.
मामला 23 जून 2026 का है, जब जंतर-मंतर पर CJP का प्रदर्शन चल रहा था. शिकायतकर्ता अपनी 14 वर्षीय बेटी के साथ प्रदर्शन में पहुंचे थे. शाम करीब 5:30 बजे वह अपने फोन से वीडियो बना रहे थे, तभी एक युवक से उनका विवाद हो गया.आरोप है कि इसके बाद 2-3 युवकों ने उन्हें घेर लिया और घूंसे मारने के साथ लोहे के कड़े जैसी ठोस चीज से उनके सिर पर हमला किया. मारपीट के बाद उन्हें इलाज के लिए RML अस्पताल ले जाया गया. मेडिकल रिपोर्ट में उनके सिर पर दो कटे हुए घाव दर्ज किए गए.
स्वतंत्र के समर्थन में प्रदर्शन
जंतर-मंतर पर नाबालिग छात्रा के पिता से मारपीट के मामले में हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ता स्वतंत्र भारद्वाज के समर्थन में पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पहुंचे. कार्यकर्ताओं ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि स्वतंत्र के खिलाफ गलत आरोपों के आधार पर मामला दर्ज किया गया है.
इस दौरान हिंदू संगठन ने दिल्ली पुलिस को नाबालिग छात्रा और उसके पिता के खिलाफ भी FIR दर्ज करने की शिकायत दी. संगठन का कहना है कि उनके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए.