सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे के मामले में 3 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. प्रॉपर्टी हरिराम की पत्नी उर्मिला के नाम पर थी, जबकि बिजली कनेक्शन हरिराम के नाम पर था. उनका बेटा महेश बिल्डिंग मैनेजमेंट का काम देखता था. तीनों को भिवाड़ी से गिरफ्तार किया गया है.
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि बेसमेंट में कंस्ट्रक्शन का काम चल रहा था, उसी की वजह से बिल्डिंग गिरी. कंस्ट्रक्शन के काम में लेबर भी लगी थी. उनके बयान से भी इसकी पुष्टि हुई.रेस्क्यू ऑपरेशन कल 1 बजकर 30 मिनट पर शुरू हुआ था. आज शाम 5 बजे रेस्क्यू ऑपरेशन समाप्त हुआ. 12 लोगों को रेस्क्यू किया गया, जिसमें से 7 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 5 छात्र हैं.
इस पूरे मामले को लेकर एलजी ने मीटिंग ली थी. मीटिंग के बाद दिल्ली सरकार में मंत्री आशीष सूद ने कहा कि 'राजधानी दिल्ली में जो लाखों बच्चे पढ़ाई करने के लिए आते हैं, उन बच्चों के लिए रेजिडेंशियल फैसेलिटीज का जो गैप है, उसमें FAR में एडिशनल छूट देना. ऐसी घटना दोबारा ना हो, ऐसे में जिन इलाकों में कोचिंग इंस्टिट्यूट हैं, PG चलते हैं, उन बिल्डिंग को सभी विभाग मिलकर चेक करेंगे और लिमिट समय में इस पूरी एक्सरसाइज को कंप्लीट किया जाएगा.'
आशीष सूद ने कहा कि एक्जिस्टिंग हॉस्टल फ्री डेवलप करने के लिए FAR में नई बढ़ोतरी के साथ उपलब्ध कराना. PG और इंस्टिट्यूट को रेगुलर करने के लिए इन सब इशू पर सभी विभाग के साथ चर्चा हुई. इसको इंप्लीमेंट करने का काम दिल्ली सरकार के विभाग करेंगे. आम आदमी पार्टी के लोग घोषित बेरोजगार नेता हैं, वह अट्रैक्शन चाहते हैं. इस वक्त हम दोषारोपण की स्थिति में नहीं पड़ना नहीं चाहता. आज कोई यह पूछे कि पिछले 27 साल की जिम्मेदारी किसकी थी.
7 लोगों की मौत
हादसे में जान गंवाने वालों में सोनभद्र, उत्तर प्रदेश के 20 वर्षीय छात्र अभिषेक, दुर्ग, छत्तीसगढ़ के 20 वर्षीय छात्र युवराज सोनी, औरैया, उत्तर प्रदेश के 17 वर्षीय छात्र पवन, देवास, मध्य प्रदेश के 19 वर्षीय छात्र अर्पित जहाज, कटनी, मध्य प्रदेश के 18 वर्षीय छात्र अक्षत सिंह यादव और 75 वर्षीय मजदूर सुरिंदर सिंह शामिल हैं. एक मृतक की पहचान नहीं हो सकी है. वहीं घायलों में 30 वर्षीय असगर अली, 19 वर्षीय नीरज बावा, 19 वर्षीय आदित्य कुमार, 19 वर्षीय नितीश चिब और 18 वर्षीय मोहम्मद अयान शामिल हैं. इनमें से 3 की हालत गंभीर है.
बिल्डिंग मालिक हरिराम गुप्ता पहले हुआ गिरफ्तार
इमारत गिरने के मामले में पुलिस ने इसके मालिक हरिराम गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया था. पुलिस ने उसे राजस्थान के भिवाड़ी से पकड़ा था. हादसे के बाद से ही दिल्ली पुलिस हरिराम गुप्ता की तलाश कर रही थी. घटना के तुरंत बाद पुलिस ने पालम विहार स्थित उसके आवास पर छापेमारी की थी, लेकिन वह वहां नहीं मिला था. इसके बाद पुलिस को आशंका थी कि गिरफ्तारी से बचने के लिए वह किसी सुरक्षित ठिकाने पर छिपा हुआ है. पुलिस ने उसके करीबियों और सहयोगियों के ठिकानों पर भी दबिश दी थी.
इस मामले में MCD के डिप्टी कमिश्नर, सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर समेत 5 अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है.
दिल्ली हाईकोर्ट में भी हुई सुनवाई
सत्य निकेतन में PG हॉस्टल के तौर पर चल रही दो इमारतों के गिरने के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में दाखिल PIL पर भी सुनवाई हुई. कोर्ट ने दिल्ली सरकार, केंद्र सरकार, MCD, दिल्ली पुलिस, दिल्ली यूनिवर्सिटी और NHRC को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि वह दिल्ली सरकार, केंद्र और MCD की ओर से पेश होंगे. कोर्ट ने घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया. मामले में अगली सुनवाई 25 तारीख को होगी.