BJP सांसद निशिकांत दुबे और देश के पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग के बीच का विवाद अब अदालत पहुंच गया है. निशिकांत दुबे ने पूर्व वित्त सचिव सुभाष गर्ग के बयानों से आहत होकर दिल्ली हाईकोर्ट और पटियाला हाउस कोर्ट का रुख किया है.
बता दें कि सुभाष चंद्र गर्ग ने एक पॉडकास्ट में दावा किया था कि साल 2018 में सांसद निशिकांत दुबे किसी काम के सिलसिले में उनके दफ्तर आए थे. गर्ग ने आरोप लगाया था कि जब उनका काम नहीं हुआ, तो दुबे ने उन पर दबाव बनाया और झूठी शिकायतें दर्ज कराईं.
निशिकांत ने सुभाष गर्ग पर दो करोड़ रुपये का मानहानि का मुकदमा दायर कर दिया है.
पॉडकास्ट में निशिकांत दुबे को ब्लैकमेल करने वाला व्यक्ति तक कह दिया गया था. उन्होंने ये भी आरोप लगाया था कि दुबे लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (LIC) के चेयरमैन पर दबाव डलवाने की सिफारिश लेकर उनके पास पहुंचे थे.
निशिकांत दुबे ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
निशिकांत दुबे ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए पूरी तरह बेबुनियाद बताया है. उनका कहना है कि साल 2009 में सांसद बनने के बाद से वो कभी भी भारत सरकार के किसी सचिव के दफ्तर नहीं गए हैं, क्योंकि सरकारी प्रोटोकॉल के मुताबिक एक सचिव का पद सांसद से नीचे होता है.
दुबे ने पूर्व वित्त सचिव से इन झूठे और अपमानजनक दावों के लिए बिना शर्त सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की थी. तय की गई समय-सीमा खत्म होने के बाद उन्होंने कानूनी रास्ता अख्तियार करते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया है.
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निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा कि उन्होंने आज पटियाला कोर्ट और दिल्ली हाईकोर्ट में पूर्व वित्त सचिव सुभाष गर्ग के खिलाफ दो करोड़ रुपये का आपराधिक मानहानि का केस दर्ज करा दिया है. उन्होंने कहा कि अब इस मामले का फैसला अदालत ही करेगी और ये मुकदमा उनके पिछले 18 साल के लंबे संसदीय कार्यकाल की ईमानदारी का मूल्यांकन भी करेगा.