ओडिशा में चक्रवाती तूफान अर्नब की आशंका को देखते हुए सरकार ने एहतियाती कदम उठाए हैं. खतरे को देखते हुए समुद्र में मछली पकड़ने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है और छह संवेदनशील जिलों में पहाड़ों, झरनों, बांधों और दूसरे पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों के जाने पर पाबंदी लगाई गई है.
खराब मौसम को देखते हुए गंजाम, गजपति, रायगड़ा, मलकानगिरी, कोरापुट और नबरंगपुर में बचाव दल तैनात किए गए हैं. इन जिलों में स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्र 28 और 29 अक्टूबर को बंद रहेंगे. इसके साथ ही सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द करने और किसानों के लिए कृषि सहायता नंबर भी शुरू करने जैसे अहम कदम उठाए गए हैं. मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने तूफान से पहले की तैयारियों की निगरानी के लिए आठ मंत्रियों को अलग-अलग स्थानों पर भेजा है.
संवेदनशील इलाकों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल, अग्निशमन और आपातकालीन सेवाओं के कर्मचारियों और पुलिस के बचाव दलों को पहले से तैनात कर दिया गया है.
भारतीय मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, चक्रवाती तूफान अर्नब के बुधवार को आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की आशंका है. विभाग ने सोमवार सुबह जारी बुलेटिन में बताया कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना गहरा दबाव पिछले छह घंटों के दौरान 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से लगभग पश्चिम की ओर बढ़ा और चक्रवाती तूफान में बदल गया.
यह भी पढ़ें: दिल्ली-NCR में बारिश से मौसम हुआ सुहाना, लेकिन हवा अब भी खराब! AQI 200 पार
'26 अक्टूबर को आ सकता है चक्रवाती तूफान'
मौसम विभाग ने कहा, "इसके पश्चिम-उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ने और 26 अक्टूबर की आधी रात तक पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने की बहुत अधिक आशंका है. इसके बाद 27 अक्टूबर को इसी क्षेत्र में इसके बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना है."
ओडिशा के आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा, "हालांकि इस तूफानी प्रणाली के आंध्र प्रदेश के तट को पार करने की उम्मीद है, लेकिन ओडिशा सरकार कोई जोखिम नहीं लेगी और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहेगी." तट से टकराने के बाद इस मौसमी प्रणाली के ओडिशा के कुछ इलाकों की ओर बढ़ने का अनुमान है.
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है, इसलिए घबराने की कोई वजह नहीं है. उन्होंने कहा, "समुद्र में मछली पकड़ने की गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है. छह संवेदनशील जिलों में पहाड़ों, झरनों, बांधों और खूबसूरत पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों के जाने पर भी पाबंदी लगाई गई है."
राहत और बचाव कार्यों के बीच तालमेल के लिए कंट्रोल रूम खोले गए हैं. कृषि विभाग ने किसानों को 80-85 प्रतिशत तक पक चुकी फसलों की कटाई कर उन्हें सुरक्षित रखने की सलाह दी है. मंत्री ने बताया कि मदद के लिए खास कृषि सहायता नंबर भी शुरू किए गए हैं.