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केजरीवाल बोले- नई पेंशन स्कीम धोखा, रामलीला मैदान के शाप से बचे मोदी सरकार

पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर दिल्ली में जुटे देशभर के सरकारी कर्मचारियों मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का समर्थन मिला. केजरीवाल ने कहा कि कर्मचारियों में देश की सरकार बदलने की ताकत है अगर केंद्र सरकार ने उनकी मांगों को नहीं माना तो 2019 में इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा.

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रामलीला मैदान में केजरीवाल
रामलीला मैदान में केजरीवाल

पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर देश भर से आए कर्मचारी सोमवार को दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में जुटे तो मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी समर्थन देने पहुंचे. उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारियों को दुखी कर कोई सरकार खुश नहीं रह सकती. केजरीवाल ने विधानसभा के विशेष सत्र में पुरानी पेंशन लागू करने का प्रस्ताव पेश करने की बात कही.

केजरीवाल ने कहा कि नई पेंशन स्कीम धोखा है, इसलिए वे पुरानी पेंशन लागू कराने को लेकर सरकारी कर्मचारियों के आंदोलन में शामिल हैं. उन्होंने कहा कि अगर ने अगले तीन महीने में पुरानी पेंशन को लागू नहीं किया तो वो देशभर के लोगों और गैर बीजेपी शासित राज्यों को लामबंद करेंगे. केजरीवाल ने दावा किया कि अगर पुरानी पेंशन स्कीम लागू नहीं हुई तो सरकारी कर्मचारी भी केंद्र सरकार के खिलाफ हो जाएंगे.

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केजरीवाल ने कहा कि कर्मचारियों में देश की सरकार बदलने की ताकत है. मैं केंद्र सरकार को चेतना चाहता हूं कि सीआईडी और आईबी वालों को बता दें कि अगले 3 महीने में मांग नहीं मानी तो 2019 में कयामत आने वाली है. ये रामलीला मैदान जिसको शाप देता है, वो खत्म हो जाता है. कि मैं प्रधानमंत्री से अपील करना चाहता हूं कि अगर आप राष्ट्रनिर्माण करना चाहते हैं तो सरकारी कर्मचारियों को दुखी नहीं कर सकते.

इस दौरान के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह भी रामलीला मैदान में मौजूद रहे. अपने भाषण के दौरान उन्होंने कहा कि जब 40 दिन सांसद और विधायक रहे लोगों को ताउम्र पेंशन मिल सकती है, तो 40 साल तक सरकारी कर्मचारी रहे लोगों को पेंशन क्यों नहीं मिल सकती. मौजूदा केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए संजय सिंह ने केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि रामलीला मैदान का शाप मत लेना. पेंशनवालों को हल्के में जो लेगा उसे रामलीला मैदान में कही गई बातों का शाप लगेगा.

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