दिल्ली पुलिस ने एक 22 साल के युवक को गिरफ़्तार किया है. उस पर आरोप है कि वह दुकानदारों को धोखा देने के लिए UPI पेमेंट के नकली स्क्रीनशॉट दिखाता था और फिर उनके मोबाइल फ़ोन चुराकर बिना इजाज़त पैसे का लेन-देन करता था. इस बात की जानकारी एक पुलिस अधिकारी ने एक न्यूज एजेंसी को दी. अधिकारी ने बताया कि दिल्ली के सदर बाज़ार में कपड़ों की दुकान के मालिक की शिकायत पर 1 लाख रुपये की साइबर धोखाधड़ी की जांच के बाद निखिल यादव को 20 अगस्त को गिरफ़्तार किया गया.
लोगों से ऐसे ठगी करता था निखिल
पुलिस के मुताबिक यादव छोटी-मोटी खरीदारी के दौरान छोटी दुकानों को निशाना बनाता था और दुकानदारों को पेमेंट का नकली या डिजिटल रूप से बदला हुआ स्क्रीनशॉट दिखाता था, ताकि उन्हें यकीन हो जाए कि पेमेंट हो गया है. पुलिस अधिकारी ने कहा कि जब दुकानदार अपना बैंक अकाउंट चेक करता और पाता कि कोई पैसा नहीं आया है, तो यादव पेमेंट की समस्या को ठीक करने में मदद करने का नाटक करता और पीड़ित के मोबाइल फ़ोन तक पहुंचने की कोशिश करता.
वहीं अगर फ़ोन नहीं दिया जाता, तो वह डिवाइस चुराने या छीनने से पहले पीड़ित के मोबाइल या UPI क्रेडेंशियल (जैसे पिन या पासवर्ड) देखने या हासिल करने की कोशिश करता था. इसके बाद आरोपी फ़ोन और हासिल किए गए क्रेडेंशियल का इस्तेमाल करके बैंकिंग या UPI ऐप के ज़रिए बिना इजाज़त पैसे का लेन-देन करता था. पैसे 'म्यूल' बैंक अकाउंट (धोखाधड़ी के लिए इस्तेमाल होने वाले अकाउंट) में ट्रांसफर किए जाते थे और कुछ मामलों में ATM से निकाले जाते थे ताकि पैसे का पता लगाना मुश्किल हो जाए.
पुलिस ने बताया कि अब तक सामने आए मामलों में धोखाधड़ी की कुल रकम 30.81 लाख रुपये से ज़्यादा है और आगे की जांच चल रही है. जांच शुरू होने का कारण सदर बाज़ार में कपड़ों की दुकान के मालिक विष्णु कुमार गोयल की 29 मार्च की शिकायत थी. पुलिस के मुताबिक यादव ने गोयल से कपड़े खरीदे और पेमेंट का नकली स्क्रीनशॉट दिखाया. जब दुकानदार को पता चला कि पेमेंट नहीं मिला है, तो आरोपी ने उसके मोबाइल फ़ोन तक पहुंच बनाई और उसके बैंक अकाउंट से 1 लाख रुपये ट्रांसफर कर लिए.
मामले में आगे की जांच में जुटी है पुलिस
अधिकारी ने कहा कि साइबर नॉर्थ पुलिस स्टेशन में एक ई-FIR दर्ज की गई और आगे की जांच शुरू की गई. जांच के दौरान बैंकिंग और UPI ट्रांज़ैक्शन और टेलीकॉम रिकॉर्ड के टेक्निकल एनालिसिस से पुलिस को मल्का गंज की रहने वाली शाहीन (27) के एक म्यूल बैंक अकाउंट का पता चला. उसे पकड़ा गया और उसने बताया कि उसने पैसे बुराड़ी के रहने वाले तरुण (25) को ट्रांसफर किए थे. बाद में तरुण को पकड़ा गया और उसने पुलिस को बताया कि पैसे नकद में यादव को दिए गए थे.
पुलिस ने बताया कि यादव के बयानों की तकनीकी और दस्तावेज़ी सबूतों से जांच करने पर पता चला कि वह दिल्ली और मुंबई में सात अन्य मामलों में भी शामिल था. इन मामलों में दिल्ली के साइबर नॉर्थ वेस्ट, मॉडल टाउन, सराय रोहिल्ला, सब्जी मंडी और रूप नगर व मुंबई के शिवड़ी और तारदेव पुलिस स्टेशनों में दर्ज मामले शामिल हैं. अधिकारी ने कहा कि यादव ने 12वीं कक्षा तक पढ़ाई की है और वह पहले दिल्ली और मुंबई में दर्ज चोरी और धोखाधड़ी के आठ मामलों में शामिल रहा है. इस मामले में आगे की जांच चल रही है.