कांग्रेस ने एक बार फिर चुनाव आयोग पर आरोप लगाए हैं. कांग्रेस ने ECI पर ECINET सॉफ्टवेयर के बारे में जानकारी छिपाने का आरोप लगाया है. पार्टी का दावा है कि चुनाव आयोग इस जानकारी को साझा करने से बार-बार इनकार कर रहाहै. उनका कहना है कि अगर यह जानकारी साझा की गई तो स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान हुई हेराफेरी सामने आ जाएगी. इसलिए चुनाव आयोग यह जानकारी देने से बच रहा है.
विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए SIR प्रक्रिया को निलंबित करने की मांग की है. कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने इस मामले में सवाल उठाए हैं. उन्होंने एक रिपोर्ट साझा की है. इस रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयोग ने उस सॉफ्टवेयर का नाम और वर्जन बताने से इनकार किया है जिसका इस्तेमाल उसने 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) के दौरान मतदाता सूची में गलतियों और विसंगतियों की पहचान करने के लिए किया था. आयोग का तर्क है कि यह जानकारी (RTI) अधिनियम के दायरे से बाहर है.
इस मामले में X पर पोस्ट करते हुए जयराम रमेश ने कहा कि चुनाव आयोग ECINET सॉफ्टवेयर के बारे में जानकारी छिपा रहा है. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग यह जानकारी देने से इसलिए इनकार कर रहा है क्योंकि इससे केंद्रीयकृत हेराफेरी की सच्चाई सामने आ जाएगी.
'जनता जानती है भारी हेराफेरी हुई'
जयराम रमेश ने कहा, 'जनता जानती है कि इसमें भारी हेरफेर हुई है. ज्ञानेश कुमार को जाना चाहिए. SIR को तुरंत निलंबित किया जाना चाहिए.' इससे पहले, उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर वोटर लिस्ट में गड़बड़ी के गंभीर आरोप लगाए थे. कांग्रेस ने इस मुद्दे को उठाते हुए सवाल खड़े किए थे.
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यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने आजतक से बातचीत में घटना को गंभीर बताया. उन्होंने कहा कि यह आपराधिक कृत्य है इसलिए FIR दर्ज कराई गई. उन्होंने बताया कि मामले में SDM रैंक के दो अफसरों को सस्पेंड किया गया है और विभागीय कार्रवाई करने की बात की गई है.