देश में बुलेट ट्रेन (India's First Bullet Train) चलाने की तैयारियां जोरों पर हैं. इसके लिए ट्रैक, ब्रिज, टनल समेत रेलवे स्टेशनों पर काम युद्ध स्तर पर पूरा किया जा रहा है. Bullet Train के अगले साल 2027 से हाई स्पीड ट्रैक पर दौड़ने की उम्मीद है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक सोशल मीडिया पोस्ट पर कहा है कि भारत की पहली बुलेट ट्रेन अब आकार ले रही है.
इसके साथ ही उन्होंने डिटेल में हाई स्पीड ट्रेन चलाने के लिए तैयार किए जा रहे रेलवे स्टेशनों और अंडर-सी टनल के बारे में विस्तार से बताया है. गौरतलब है कि मुंबई में जहां बुलेट ट्रेन का एक स्टेशन जहां जमीन से 100 फीट नीचे बनाया जा रहा है, तो वहीं समुद्र के अंदर 7 किलोमीटर लंबी सुरंग तैयार की जा रही है, जिससे होकर Bullet Train गुजरेगी.
508 Km ट्रैक, 2027 में शुरुआत
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर (अब X) एक पोस्ट में रेल मंत्री ने अपने पेज पर लिखे लेख को शेयर किया है. इसमें देश की पहली बुलेट ट्रेन और उससे जुड़े कामों को लेकर एक-एक डिटेल दी गई है. उन्होंने इसमें लिखा, 'भारत की पहली बुलेट ट्रेन अब कोई घोषणा नहीं रह गई है, यह 508 km का कंस्ट्रक्शन है, जो पूरी रफ्तार से चल रहा है. इसकी पहली सर्विस 2027 के आखिरी क्वार्टर में शुरू होगी!' Bullet Train पहली बार अहमदाबाद-मुंबई हाई स्पीड ट्रैक पर दौड़ेगी.
How India is building its first bullet train. Read!👇 🔗 https://t.co/kakw3Bu7LW https://t.co/OVsm8fSqmR
— Ashwini Vaishnaw (@AshwiniVaishnaw) October 24, 2026
मुंबई में यहां 100 फीट नीचे स्टेशन
रेल मंत्री के पोस्ट में बताया गया है कि अभी मुंबई में बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स से लगभग 100 फीट नीचे, एक बुलेट ट्रेन रेलवे स्टेशन बनाया जा रहा है, जो 10 मंजिला इमारत से भी ज्यादा गहराई है. मुंबई के बिज़नेस डिस्ट्रिक्ट के बीचों-बीच, BKC में हम इस हाई स्पीड रेल कॉरिडोर पर एकमात्र अंडरग्राउंड स्टेशन बना रहे हैं, और यह अपने आप में एक इंजीनियरिंग कहानी है.

अश्विनी वैष्णव के मुताबिक, इस Bullet Train Station के लिए खुदाई जमीन से लगभग 32 मीटर नीचे (करीब 100 फीट) हो रही है. इतनी गहराई में तीन लेवल तैयार किए जा रहे हैं, इनमें प्लेटफॉर्म, कॉन्कोर्स और सर्विसेज एरिया शामिल हैं. इसमें छह प्लेटफॉर्म, हर एक 400 मीटर से ज्यादा लंबा बनाया जा रहा है.
7 Km समुद्र के अंदर दौड़ेगी बुलेट ट्रेन
इस अंडरग्राउंड बुलेट ट्रेन स्टेशन के कुछ किलोमीटर की दूरी पर 3,200 टन की मशीन ठाणे क्रीक के नीचे चट्टान को घिसकर भारत की पहली Under Sea Rail Tunnel बना रही है. इससे होकर बुलेट ट्रेन हाई स्पीड से गुजरेगी.
रेल मंत्री के पोस्ट के मुताबिक, महाराष्ट्र में बुलेट ट्रेन का यह कॉरिडोर 21 km लंबी सुरंग से होकर गुजरता है और इसका 7 km हिस्सा समुद्र के नीचे ठाणे क्रीक के नीचे से गुजरेगा. यह भारत की पहली अंडरसी रेल सुरंग है.
इतनी बड़ी मशीनें काम पर लगीं
पोस्ट में आगे बताया गया है कि जुलाई 2026 में विक्रोली और सावली से दो टनल बोरिंग मशीनें लॉन्च की गईं थीं, जो भारत में अब तक लगाई गई सबसे बड़ी मशीनों में से एक हैं. हर मशीन में 13.6 मीटर डायमीटर का कटरहेड है, जो 4 मंजिला बिल्डिंग जितना ऊंचा है. हर मशीन का वजन 3,000 टन से ज्यादा है, जो लगभग 500 एशियाई हाथियों के बराबर है. यह मशीन 96 मीटर लंबी है, लगभग पांच क्रिकेट पिचों के बराबर है!

320 KM की रफ्तार, 12 स्टॉपेज
बुलेट ट्रेन जब फुल स्पीड में होगी, तो 320 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलेगी, जबकि अहमदाबाद से मुंबई के बीच औसतन 300 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से बुलेट ट्रेन अगले साल से दौड़ेगी. मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर महाराष्ट्र, गुजरात और दादरा और नगर हवेली से होकर 508 किमी तक फैला हुआ है. इसमें जिन 12 प्रमुख स्टेशनों स्टॉपेज तय किए गए हैं. उनमें मुंबई (BKC), ठाणे, विरार, बोइसर, वापी, बिलिमोरा, सूरत, भरूच, वडोदरा, आनंद, अहमदाबाद और साबरमती शामिल हैं.