AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पहली बार राघव चड्ढा, संदीप पाठक समेत AAP के सात राज्यसभा सांसदों के पार्टी छोड़ने पर बात की है. उन्होंने बिना चड्ढा का नाम लिए उनपर तंज कसते हुए कहा कि अब किसी को भी राज्यसभा भेजने से पहले वे उनकी विश्वसनीयता की सौ बार जांच-परख करेंगे.
केजरीवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी में इस तरह पार्टी छोड़ने की घटनाएं नहीं होती हैं. उन्होंने बीजेपी में शामिल हुए राज्यसभा सांसदों पर निशाना साधते हुए कहा कि अब आगे से किसी को भी राज्यसभा भेजने से पहले वे 100 बार जांच परख करेंगे कि वह व्यक्ति सही है या नहीं. उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया.
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राघव चड्ढा समेत पार्टी छोड़ने वाले 7 राज्यसभा सांसदों पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा भेजा था. लोगों ने नहीं. उन्होंने चड्ढा, संदीप पाठक और पांच अन्य राज्यसभा सांसदों पर पार्टी के साथ धोखा करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि AAP ने किसी के साथ धोखा नहीं किया लेकिन इन लोगों ने पार्टी के साथ धोखा किया.
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उन्होंने इसे एक सीख बताते हुए कहा कि वे समझ गए हैं कि यह आम आदमी पार्टी के लिए एक राजनीतिक सीख थी. उन्होंने कहा, "राज्यसभा में यह आम आदमी पार्टी के लिए सीख थी. अब किसी को राज्यसभा भेजने से पहले 100 बार ठोक-बजाकर देखेंगे कि व्यक्ति ठीक है या नहीं."
राघव चड्ढा ने क्यों छोड़ी थी पार्टी
बता दें, राघव चड्ढा अप्रैल 2026 में बीजेपी में शामिल हो गए थे. उनके साथ ही AAP के सात राज्यसभा सांसदों ने बीजेपी में शामिल होने की घोषणा की थी. राघव चड्ढा ने बीजेपी में शामिल होते हुए AAP पर अपने सिद्धांतों, ईमानदारी से भटकने का आरोप लगाया था. उन्होंने आम आदमी पार्टी को एक 'टॉक्सिक वर्कप्लेस' करार दिया था. उन्होंने कहा था कि AAP में उनकी आवाज को दबाया गया और उनकी बातों को नजरअंदाज किया गया.
चड्ढा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए AAP के सात राज्यसभा सांसदों(दो-तिहाई बहुमत) के साथ पार्टी छोड़ी थी, जिससे दल-बदल कानून लागू नहीं हुआ था. हालांकि उस समय भी आम आदमी पार्टी ने इस पर आपत्ति जताई थी.